Connect with us

पॉलिटिक्स

BMC चुनाव 2026: बुजुर्ग ने हेमा मालिनी पर किया गुस्सा जाहिर, राज ठाकरे के बयान से मची हलचल! मतदान के दौरान हुए विवाद का वीडियो देखें।

Published

on

BMC चुनाव 2026: महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव के लिए आज शाम 5:30 बजे तक मतदान जारी है। इस बीच कई राजनीतिक घटनाएं घटित हुई हैं जो सबका ध्यान खींच रही हैं। बीएमसी चुनाव में मतदान के लिए पहुंचे अभिनेता-राजनीतिज्ञ हेमा मालिनी से एक वृद्ध व्यक्ति भड़क गए। वृद्ध का कहना था कि यहाँ कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। दूसरी ओर, राज ठाकरे ने बार-बार मतदान के दौरान ऊंगली पर लगाई जाने वाली स्याही का उल्लेख करते हुए सरकार पर प्रश्न उठाए हैं। इसके अलावा, सचिन तेंदुलकर, सुनील शेट्टी, अक्षय कुमार, ट्विंकल खन्ना, नाना पाटेकर जैसे कई प्रमुख हस्तियों ने भी मतदान केंद्र पर आकर सबका ध्यान खींचा।

मतदान के दौरान हेमा मालिनी पर वृद्ध का क्रोध

सांसद हेमा मालिनी जब मतदान करने अपने मतदान केंद्र पर पहुंची तो एक वृद्ध का गुस्सा उन पर फूट पड़ा।

इसका वीडियो जिम्मी नामक ट्विटर यूजर द्वारा साझा किया गया है। वीडियो में वृद्ध हेमा मालिनी के सामने अपनी शिकायत करते सुने जा सकते हैं। वृद्ध कहते हैं कि “मैं 60 वर्ष का हूँ। सुबह 7:30 बजे से यहाँ खड़ा हूँ और अब 9:30 बज गए हैं। मैं अब वोट डाल सका हूँ। कोई नहीं है जो सुनवाई करे। कोई जवाबदेही के लिए नहीं है, बल्कि यहाँ बीजेपी पार्टी तक का कोई नहीं है। आपको जवाब देना होगा। सेलिब्रेटी आकर वोट डालकर चले जाते हैं। आम आदमी यहाँ खड़ा रह जाता है। ये गलत है।” हेमा मालिनी के सामने वृद्ध का इस तरह चिल्लाना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

राज ठाकरे के रुख ने स्याही विवाद को नई दिशा दी!

मतदान के दौरान राज ठाकरे का आक्रामक रुख सामने आने पर खूब चर्चा हुई। राज ठाकरे ने मतदान केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली स्याही पर सवाल उठाए।

एमएनएस प्रमुख ने तीखे लहजे में कहा कि “पहले इस्तेमाल होने वाली स्याही को नए पेन से बदला जा रहा है, और इस नए पेन के संबंध में शिकायतें आ रही हैं। हैंड सैनिटाइज़र लगाने पर स्याही गायब हो जाती है। अब केवल यही विकल्प बचा है कि स्याही लगाएं, बाहर जाएं, उसे पोंछें, और फिर अंदर आकर दोबारा वोट डालें। चुनाव प्रचार के लिए एक नया नियम लागू किया गया है। इससे पता चलता है कि सरकार सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी कर सकती है। जब कोई इस तरह के धोखाधड़ी वाले तरीकों से सत्ता में आता है, तो हम इसे चुनाव नहीं कह सकते। मैं जनता, शिवसेना कार्यकर्ताओं और मातोश्री सेना कार्यकर्ताओं से इन सभी बातों के प्रति सतर्क रहने की अपील करता हूँ।”

राज ठाकरे के इस तीखे रुख ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया। इसके बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस भी मीडिया के समक्ष आए। उन्होंने स्याही दिखाते हुए राज ठाकरे के आरोपों को आधारहीन बताया। इसके अलावा, बीएमसी चुनाव के दौरान कई अन्य राजनीतिक गतिविधियाँ हुईं, जिन्होंने लोगों का ध्यान खींचा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

‘केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है…’, मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए Arvind Kejriwal; क्लीन चिट मिलते ही दिया वायरल बयान

Published

on

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को कथित शराब नीति मामले में बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों से बरी कर दिया है। फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल भावुक हो गए।

भावुक हुए केजरीवाल

उन्होंने कहा, “हमने पहले ही कहा था कि सच्चाई की जीत होगी। आज सच की जीत हुई है। मुझे भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा था कि न्याय जरूर मिलेगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया गया और झूठे आरोपों के जरिए बड़े नेताओं को जेल भेजा गया।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी, CBI के सबूतों पर सवाल

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसी आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। चार्जशीट में भी कई खामियां पाई गईं और किसी गवाह या दस्तावेज से आरोप पुष्ट नहीं हुए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस प्रमाण के केवल आरोपों के आधार पर किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है, लेकिन इस मामले में अभियोजन पक्ष अपना केस साबित करने में विफल रहा।

‘कोई आपराधिक साजिश साबित नहीं’

अदालत ने यह भी कहा कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में आपराधिक साजिश का कोई ठोस आधार नहीं मिला। न तो केजरीवाल और न ही सिसोदिया के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत पेश किए जा सके। इन्हीं कारणों से कोर्ट ने दोनों नेताओं को बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय और सच्चाई की जीत बताया।

Continue Reading

देश

शराब घोटाले में AAP को राहत, केजरीवाल-सिसोदिया पर आरोप साबित करने में नाकाम रही CBI

Published

on

दिल्ली के कथित आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोनों नेताओं को आरोपों से मुक्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियां उनके खिलाफ मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त और ठोस सबूत पेश करने में विफल रहीं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में आपराधिक षड्यंत्र का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। फैसले के साथ ही मामले में नामजद अन्य कई आरोपियों को भी राहत मिली। केजरीवाल और सिसोदिया व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए, जबकि कुछ अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए।

कोर्ट ने जांच पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों की विस्तार से समीक्षा की। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसियां नेताओं को सीधे तौर पर कथित घोटाले से जोड़ने वाले साक्ष्य पेश नहीं कर सकीं। केवल आरोपों के आधार पर किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच अनिवार्य है और इस मामले में प्रॉसिक्यूशन अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा।

2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा था मामला

यह पूरा मामला दिल्ली सरकार की 2021-22 की नई आबकारी नीति से संबंधित था। विपक्षी दलों और जांच एजेंसियों का आरोप था कि इस नीति में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और कार्टेलाइजेशन हुआ, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा। जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई थी। आरोप था कि नीति कुछ चुनिंदा शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई और इसके बदले कथित तौर पर रिश्वत ली गई। यह मामला आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बना था और कई नेताओं को जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, अब अदालत के फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे ‘सत्य की जीत’ बताया है।

Continue Reading

देश

PM Modi बने डिजिटल दुनिया के ‘बादशाह’, इंस्टाग्राम पर 100M का आंकड़ा पार कर रचा इतिहास

Published

on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (10 करोड़) फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही वे दुनिया के पहले ऐसे नेता बन गए हैं, जिनके इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। साल 2014 में इंस्टाग्राम से जुड़ने वाले प्रधानमंत्री मोदी के फॉलोअर्स की संख्या कई वैश्विक नेताओं से कहीं आगे निकल चुकी है।

वैश्विक नेताओं से आगे पीएम मोदी

इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के मामले में पीएम मोदी, Donald Trump से भी काफी आगे हैं। ट्रंप के 43.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जो मोदी के मुकाबले आधे से भी कम हैं।

सूची में अन्य नेताओं की स्थिति इस प्रकार है:

Prabowo Subianto – 15 मिलियन

Luiz Inácio Lula da Silva – 14.4 मिलियन

Recep Tayyip Erdoğan – 11.6 मिलियन

Javier Milei – 6.4 मिलियन

भारत में भी सबसे आगे

देश के भीतर भी इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का दबदबा कायम है। दूसरे स्थान पर Yogi Adityanath हैं, जिनके 16.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं।तीसरे नंबर पर Rahul Gandhi हैं, जिनके 12.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान उनके फॉलोअर्स की संख्या में और तेजी से वृद्धि हुई।

इजरायल की संसद में मिला सर्वोच्च सम्मान

अपने इजरायल दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को वहां की संसद ने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा। यह सम्मान भारत और इजरायल के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए दिया गया। भाषण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से बातचीत की। इस दौरान इजरायली सांसदों ने उनके साथ सेल्फी और तस्वीरें भी लीं। उनके संबोधन के दौरान संसद में उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन भी मिला।

Continue Reading
Advertisement

Trending