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BMC चुनाव 2026 से पूर्व लाडकी बहन योजना की शेष किश्त पर महत्वपूर्ण जानकारी! आयोग के एक निर्णय से महाराष्ट्र में हलचल
BMC चुनाव 2026: लाखों महिलाएं लाडकी बहिन योजना की लंबित किश्त का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। दिसंबर के साथ जनवरी की किश्त मिलने की संभावनाएं जताई जा रही थीं। आशा की जा रही थी कि मकर संक्रांति से पहले महाराष्ट्र सरकार महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये की किश्त प्रदान करके आर्थिक सहायता दे सकती है। इसके अंतर्गत ये भी कहा गया था कि बीएमसी चुनाव 2026 से पहले महिलाओं के खातों में धनराशि ट्रांसफर की जाएगी।
हालांकि, राज्य चुनाव आयोग के एक निर्णय ने सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह बीएमसी चुनाव से पहले लाडकी बहिन योजना की लंबित या अग्रिम किश्तों को हस्तांतरित करने से रोके। यह एक महत्वपूर्ण अपडेट है उन लाखों महिलाओं के लिए जो किश्तों के जारी होने की उम्मीद लगाए बैठीं थीं।
लाडकी बहिन योजना की लंबित किश्त पर नई जानकारी
लाडकी बहिन योजना से संबंधित एक नया अपडेट आया है। राज्य चुनाव आयोग ने बीएमसी चुनाव के लिए प्रचार के दौरान योजना की लंबित किश्त पर रोक लगाई है। इस स्थिति में यह स्पष्ट है कि मकर संक्रांति पर महिलाओं के खातों में कोई लंबित या अग्रिम धनराशि नहीं दी जाएगी।
राज्य चुनाव आयोग का तर्क है कि आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान कोई भी अग्रिम या लंबित भुगतान नहीं किया जा सकता। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि लाडकी बहिन योजना की दिसंबर की किश्त का इंतजार कर रही लाभार्थी महिलाओं को और अधिक समय इंतजार करना होगा। बीएमसी चुनाव के बाद फडणवीस सरकार इस संबंध में नई तारीख का अनाउंसमेंट कर सकती है।
आयोग के इस निर्णय से महाराष्ट्र में हलचल
चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से बीएमसी चुनाव प्रचार के दौरान धनराशि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया को आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। इस निर्णय के कारण राज्यभर में हलचल मच गई है। एक ओर जहां महिलाओं को अधिक इंतजार करना होगा, वहीं दूसरी ओर राज्य में राजनीतिक संग्राम भी शुरू हो गया है।
पत्रकारों से लेकर विपक्ष के नेताओं तक आयोग के निर्णय पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सारदेसाई ने तंज करते हुए कहा कि बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान जीविका दीदियों को धनराशि देने में कोई संकोच नहीं किया गया, जबकि महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव से पहले ऐसा करने में दिक्कत हो रही है। राज्य चुनाव आयोग के इस निर्णय को लेकर काफी हो-हल्ला मचा है।