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पॉलिटिक्स

ED के छापे के खिलाफ कोलकाता से दिल्ली तक राजनीतिक हलचल! महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ ब्रायन समेत सांसदों पर कार्रवाई, ममता बनर्जी का भी गुस्सा सामने आया

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ममता बनर्जी: कोलकाता और नई दिल्ली में आरोपों की बारिश हो रही है। जहां बंगाल की राजधानी में बीजेपी प्रदर्शन कर रही है, वहीं दिल्ली में टीएमसी सांसदों ने IPAC पर ईडी के छापे के विरोध में प्रदर्शन किया। टीएमसी सांसदों ने गृह मंत्रालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। IPAC पर हुई ईडी की कार्रवाई ने राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है। आज ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लिया। महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ ब्रायन और कीर्ति आजाद सहित अन्य टीएमसी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन कुछ घंटों बाद उन्हें छोड़ दिया गया। ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला किया है।

टीएमसी सांसदों के साथ पुलिस के बर्ताव पर ममता बनर्जी का आक्रोश

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज नई दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले टीएमसी सांसदों के साथ पुलिस के व्यवहार की कड़ी आलोचना की। इस दौरान उन्होंने केन्द्र सरकार को लक्ष्य बनाया।

मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, “मैं अपने सांसदों के साथ हुए शर्मनाक और अस्वीकार्य व्यवहार की कड़ी निंदा करता हूँ। गृह मंत्री के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों को सड़क पर खींचना कानून के पालन में नहीं आता – यह तो अहंकार है। यह लोकतंत्र है, भाजपा की संपत्ति नहीं।”

ममता ने आगे कहा, “लोकतंत्र सत्ता में बैठे लोगों के आराम पर निर्भर नहीं करता। जब भाजपा नेता विरोध करते हैं, तो उन्हें विशेष सम्मान और विशेषाधिकार की उम्मीद होती है। लेकिन जब विपक्षी सांसद अपनी बात रखते हैं, तो उन्हें खींचा जाता है, हिरासत में लिया जाता है और अपमानित किया जाता है। यह भाजपा के दोहरे मापदंड का प्रमाण है – आज्ञाकारिता, असहमति नहीं।”

उन्होंने स्पष्ट किया, “सम्मान आपसी होता है। यदि आप हमारा सम्मान करेंगे, तो हम भी आपका सम्मान करेंगे। यदि आप हमें गलत राह पर खींचेंगे, तो हम आपको सहिष्णुता, असहमति और लोकतांत्रिक नैतिकता पर वापस लाएंगे। यह हमारा भारत है। हम अधिकार से नागरिक हैं, किसी कुर्सी या पद के अधीन नहीं। किसी भी सरकार या पार्टी को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि लोकतंत्र में सम्मान का हक़दार कौन है।”

ईडी छापे के खिलाफ कोलकाता से दिल्ली तक गरमा गई राजनीति!

प्रतीक जैन के घर पर हुए ईडी के छापे के बाद कोलकाता से दिल्ली तक सियासत गर्म हो गई है। ममता बनर्जी आज इसी के विरोध में जादवपुर में रैली कर रही हैं।

इससे इतर, बंगाल के विभिन्न हिस्सों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने IPAC पर हुए ईडी के छापे को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए विरोध कर रहे हैं। नई दिल्ली में टीएमसी सांसदों ने इस छापे के खिलाफ आवाज उठाई है। महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ ब्रायन और कीर्ति आजाद समेत अन्य पांच टीएमसी सांसदों ने ईडी की इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर चोट बताते हुए भाजपा पर कड़ा हमला किया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि IPAC छापे के मामले में आगे भी राजनीतिक संघर्ष जारी रह सकता है, जिसका केंद्र कोलकाता और दिल्ली हो सकते हैं।

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पॉलिटिक्स

‘दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा…’, CM भगवंत मान का बड़ा एक्शन! मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफा

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पंजाब की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा ले लिया है, जिसे तुरंत स्वीकार भी कर लिया गया। सीएम मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फैसले की जानकारी दी। लालजीत सिंह भुल्लर, जो ट्रांसपोर्ट और जेल मंत्री थे, पर गंभीर आरोप लगे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने वेयरहाउस के जिला प्रबंधक (DM) गगनदीप सिंह को अपने घर बुलाकर मारपीट की। इस घटना से आहत होकर अधिकारी ने कथित तौर पर वीडियो बनाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पूरे मामले की जांच अभी जारी है।

जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जांच की जिम्मेदारी चीफ सेक्रेटरी को सौंप दी है। सीएम ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष जांच के लिए मंत्री का पद से हटना जरूरी था, ताकि किसी भी तरह का दबाव न बने।

सीएम मान का सख्त संदेश

प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि कानून-व्यवस्था और ड्रग्स के मामलों में कोई समझौता नहीं होगा। दोषी चाहे कोई भी हो, सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति की जान बेहद कीमती है और ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विपक्ष ने भी उठाए सवाल

मंत्री के इस्तीफे से पहले ही विपक्ष ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने सोशल मीडिया पर भुल्लर के इस्तीफे की मांग की थी और उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। वहीं, गगनदीप सिंह को अमृतसर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनके परिवार ने मारपीट के आरोप लगाए। अब इस पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है। यह देखना अहम होगा कि जांच में क्या सामने आता है और आगे क्या कार्रवाई होती है।

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एंटरटेनमेंट

‘महिलाएं असहज महसूस करती हैं…’, कंगना का राहुल गांधी पर हमला; व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कह डाला ‘टपोरी’

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अदाकारा और सांसद Kangana Ranaut ने Rahul Gandhi के संसद में आचरण को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी के मुताबिक, कंगना का कहना है कि राहुल गांधी के व्यवहार से महिला सांसद असहज महसूस करती हैं।

‘टपोरी जैसा व्यवहार’- कंगना का आरोप

कंगना से जब पूछा गया कि कुछ ब्यूरोक्रेट्स ने राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं, तो उन्होंने कहा कि संसद जैसे गरिमामय स्थान पर ऐसा रवैया ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बातचीत के दौरान बीच में टोकते हैं और अनुचित टिप्पणियां करते हैं, जिससे माहौल असहज हो जाता है।

प्रियंका गांधी की तारीफ

कंगना रनौत ने Priyanka Gandhi Vadra के व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि उनका आचरण संतुलित और शिष्ट है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी बहन से सीख लेनी चाहिए कि सार्वजनिक जीवन में कैसे व्यवहार किया जाता है।

सनातन पर भी रखा अपना पक्ष

इस दौरान कंगना रनौत ने सनातन धर्म को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सनातन का अर्थ है—जिसका न कोई आदि है, न अंत। उनके अनुसार, सनातन शाश्वत सत्य है और बाकी धर्म अपेक्षाकृत नए हैं। कंगना रनौत के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर बहस तेज होने की संभावना है।

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पॉलिटिक्स

‘संसद से नरेंद्र, देश से सिलेंडर गायब…’, LPG संकट पर राहुल गांधी का PM Modi पर निशाना

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ईरान-इजरायल युद्ध के चलते देश में गहराते LPG संकट को लेकर गुरुवार को संसद भवन के बाहर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक सहित कई विपक्षी दलों के सांसद संसद के मकर द्वार के पास इकट्ठा हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।

संसद के बाहर ‘मोदी जी एलपीजी’ के नारे

विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के बाहर ‘मोदी जी एलपीजी’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कई सांसदों के हाथों में गैस सिलेंडर की आकृति वाली तख्तियां भी नजर आईं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच देश में गैस संकट से निपटने में विफल रही है।

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, “संसद से नरेंद्र गायब, देश से सिलेंडर गायब।”

मीडिया से बातचीत में क्या बोले राहुल गांधी?

संसद के बाहर मौजूद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से घबराने की जरूरत न होने की बात कह रहे हैं, लेकिन खुद अलग कारणों से चिंतित नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी अदाणी मामले और एप्सटीन फाइल को लेकर दबाव में हैं और इसी वजह से सदन के भीतर आने से बच रहे हैं।

LPG संकट पर पीएम मोदी की अपील

उधर, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण देश में LPG की किल्लत की खबरों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोगों से घबराने की जरूरत न होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार जनहित की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लोगों से केवल सही और सत्यापित जानकारी साझा करने का आग्रह किया था।

युद्ध के असर से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी को लेकर देश में LPG सप्लाई और कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

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