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Eid 2026: भारत में कब होगी मीठी ईद, किस दिन नजर आ सकता है चांद?
मुस्लिम समुदाय के लिए रमजान का महीना बेहद खास और पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने में लोग अल्लाह की इबादत करते हैं, रोजा रखते हैं और दान-पुण्य करते हैं। रमजान के खत्म होते ही मुसलमान ईद-उल-फितर का त्योहार मनाते हैं, जिसे आमतौर पर ईद या मीठी ईद भी कहा जाता है। ईद का यह त्योहार भाईचारे, खुशियों और आपसी प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस खास दिन का इंतजार लोग पूरे रमजान भर करते हैं और त्योहार की तैयारियां भी पहले से ही शुरू हो जाती हैं। ईद से पहले बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिलती है।
ईद के दिन क्या होता है खास?
ईद के दिन सुबह लोग नए कपड़े पहनकर मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा करते हैं। इसके बाद लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, गले लगते हैं और ईद की मुबारकबाद देते हैं। इस दिन गले मिलने की परंपरा खास मानी जाती है, क्योंकि यह त्योहार भाईचारे और आपसी प्रेम को बढ़ावा देता है। लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करते हैं।
चांद देखने से तय होती है ईद की तारीख
ईद-उल-फितर की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। रमजान की आखिरी शाम को चांद रात कहा जाता है। इसी दिन नया चांद दिखाई देता है और उसके अगले दिन ईद मनाई जाती है। चांद दिखने के साथ ही शव्वाल महीने की शुरुआत भी हो जाती है।
इस साल कब मनाई जा सकती है ईद?
अनुमान के अनुसार साल 2026 में भारत में ईद-उल-फितर 21 मार्च को मनाई जा सकती है। आमतौर पर सऊदी अरब में चांद भारत से एक दिन पहले दिखाई देता है। माना जा रहा है कि सऊदी अरब में 19 मार्च को चांद नजर आ सकता है और वहां 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी। इसी वजह से भारत में अगले दिन यानी 21 मार्च को ईद मनाए जाने की संभावना है।
मीठी ईद क्यों कहा जाता है?
ईद-उल-फितर को मीठी ईद भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन घरों में कई तरह की मीठी डिशेज बनाई जाती हैं। सबसे खास सेवइयां और शीर खुरमा होती हैं, जो लगभग हर मुस्लिम घर में तैयार की जाती हैं। इन स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ लोग रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ मिलकर इस त्योहार की खुशियां मनाते हैं।