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क्या है ‘डिजिटल सहेली’? एक नंबर डायल करते ही महिलाओं की सुरक्षा में हाजिर होगी गुरुग्राम पुलिस

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महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने ‘डिजिटल सहेली’ नाम से एक नई पहल शुरू की है। यह एक विशेष रैपिड रिस्पॉन्स सेल है, जो डीपफेक, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो और सोशल मीडिया पर होने वाले साइबर अपराधों से महिलाओं को बचाने और उन्हें तुरंत मदद देने के लिए बनाया गया है। डिजिटल इंडिया के दौर में जहां लोगों को तकनीक से कई सुविधाएं मिल रही हैं, वहीं साइबर अपराध के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने इस पहल की शुरुआत की है। यह सेल 24×7 सक्रिय रहेगा, ताकि ऑनलाइन अपराध का शिकार हुई महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके।

एंटी-डीपफेक और सेक्सटॉर्शन के खिलाफ विशेष सेल

‘डिजिटल सहेली’ यूनिट को खास तौर पर एंटी-डीपफेक और सेक्सटॉर्शन रिस्पॉन्स सेल के रूप में तैयार किया गया है। यह सोशल मीडिया पर महिलाओं को निशाना बनाकर किए जा रहे साइबर अपराधों को रोकने और उनसे निपटने में मदद करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, कई मामलों में महिलाओं के फोटो या वीडियो से छेड़छाड़ कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाता है या फिर उनके आधार पर ब्लैकमेल किया जाता है। ऐसे मामलों में अब महिलाएं सीधे हेल्पलाइन पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकती हैं।

हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत मिलेगी मदद

इस पहल के तहत एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 9999981002 जारी किया गया है। इस नंबर पर कॉल कर महिलाएं अपने साथ हुई साइबर घटनाओं की शिकायत दर्ज करा सकती हैं और तुरंत सहायता प्राप्त कर सकती हैं। पुलिस का कहना है कि कई बार पीड़ित महिलाएं अपनी पहचान उजागर होने के डर से शिकायत नहीं करतीं। इस पहल के तहत शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जिससे महिलाएं बिना डर के अपनी समस्या सामने रख सकें।

काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी मिलेगी

कानूनी सहायता के साथ-साथ ‘डिजिटल सहेली’ पहल के जरिए पीड़ित महिलाओं को काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा महिलाएं विभाग के चैटबॉट नंबर +91 95999 64777 के जरिए भी इस पहल और पुलिस की अन्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित माहौल देना और साइबर अपराध के खिलाफ उन्हें मजबूत बनाना है।

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