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संजू सैमसन की कमजोरी बनी मुसीबत? खराब फुटवर्क पर सुनील गावस्कर की तीखी टिप्पणी
संजू सैमसन का खराब फॉर्म थमने का नाम नहीं ले रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की T20I सीरीज में विकेटकीपर-बल्लेबाज एक बार फिर अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे। चौथे टी20 मुकाबले में सैमसन शुरुआत में ठीक लय में नजर आए, लेकिन इसे बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके और 15 गेंदों में 24 रन बनाकर अपना विकेट गंवा बैठे। दूसरी तरफ, ईशान किशन ने नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिससे प्लेइंग इलेवन में सैमसन की जगह को लेकर दबाव और बढ़ गया है। किशन की निरंतरता टीम मैनेजमेंट के लिए एक मजबूत विकल्प बनती जा रही है।
दबाव में आए थे सैमसन
विशाखापत्तनम के ACA-VDCA क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए चौथे टी20I में सैमसन ऐसे समय क्रीज पर आए, जब भारत 216 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा कर रहा था। टीम पहले ही अभिषेक शर्मा और कप्तान सूर्यकुमार यादव के विकेट जल्दी गंवा चुकी थी। ऐसे नाजुक हालात में सैमसन से एक जिम्मेदार पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह उसे निभा नहीं पाए। आखिरकार न्यूजीलैंड के कप्तान मिशेल सेंटनर ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया।
सुनील गावस्कर ने उठाए सवाल
इस आउट के बाद भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने सैमसन की तकनीक पर सवाल खड़े किए। उन्होंने खास तौर पर सेंटनर के खिलाफ सैमसन के फुटवर्क की कमी की ओर इशारा किया। गावस्कर ने कहा, “My first impression is that there was no footwork at all. Not very sure whether there was any turn. First impression was he was just standing there making room and playing through the offside.”
रीप्ले देखने के बाद गावस्कर ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा कि सैमसन के पैरों में बिल्कुल भी मूवमेंट नहीं था, जिससे वह अपने तीनों स्टंप्स को खुला छोड़ बैठे। उन्होंने कहा, “Like I said, hardly any movement of the feet. Going outside leg-stump, once again exposing all three stumps, and when you miss, the bowler’s going to hit, and that’s what happened to Sanju Samson the second time around.”
बढ़ती मुश्किलें
लगातार मिल रहे मौके और फिर भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहना अब सैमसन के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। ईशान किशन जैसे खिलाड़ी के अच्छे प्रदर्शन के बीच, आने वाले मैचों में सैमसन की प्लेइंग XI में जगह बनाए रखना आसान नहीं होगा।