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मिडिल ईस्ट जंग का भारत में असर, अमित शाह ने उठाए बड़े कदम; कश्मीर में इंटरनेट बंद

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अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बदल रहे हैं। युद्ध जैसे हालातों के बीच मिडिल ईस्ट ही नहीं, बल्कि कई एशियाई देश भी हाई अलर्ट पर हैं। इस वैश्विक तनाव का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। इसी बीच कश्मीर को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

कश्मीर में इंटरनेट सेवा पर रोक

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से एहतियातन कश्मीर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। इसके तहत फिलहाल आम लोग इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे अफवाहों और भड़काऊ सामग्री के प्रसार पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी

केंद्र सरकार ने संभावित घरेलू प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें सांप्रदायिक तनाव की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रालय ने आगाह किया है कि अंतरराष्ट्रीय सैन्य घटनाक्रम का असर धार्मिक सभाओं, जुलूसों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान दिख सकता है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

भड़काऊ भाषण और अफवाहों पर सख्ती

एडवाइजरी में स्पष्ट कहा गया है कि ऐसे व्यक्तियों और समूहों पर कड़ी नजर रखी जाए जो विदेशी घटनाओं का हवाला देकर लोगों की भावनाएं भड़काने की कोशिश कर सकते हैं। विशेष रूप से कट्टरपंथी भाषण देने वालों और सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इंटेलिजेंस तंत्र को मजबूत करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

श्रीनगर में बढ़ाई गई सुरक्षा

जम्मू-कश्मीर में एहतियाती कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। श्रीनगर समेत घाटी के कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड अस्थायी रूप से कम कर दी गई है। श्रीनगर के लाल चौक क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की बड़ी भीड़ या संभावित विरोध प्रदर्शन को रोका जा सके। प्रशासन के मुताबिक, कुछ स्थानों से विरोध और शोक सभाओं की खबरें मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई।

खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा पर नजर

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कार्यरत हैं, इसलिए वहां की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय मिलकर जियोपॉलिटिकल हालात और उनके संभावित घरेलू प्रभावों का आकलन कर रहे हैं।

शांति और सद्भाव बनाए रखने पर जोर

कुल मिलाकर, केंद्र सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर देश के सामाजिक ताने-बाने पर न पड़े। समय रहते उठाए गए एहतियाती कदमों के जरिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांति-सद्भाव कायम रखने की कोशिश की जा रही है।

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