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‘सुरक्षा को खतरा हुआ तो South Korea को मिटा देंगे…’, किम जोंग उन की न्यूक्लियर चेतावनी

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उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनके देश की सुरक्षा को खतरा हुआ, तो उत्तर कोरिया परमाणु शक्ति का इस्तेमाल करते हुए दक्षिण कोरिया को “पूरी तरह से खत्म” कर सकता है। सरकारी मीडिया ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

हाल ही में सत्तारूढ़ पार्टी की बैठक में बोलते हुए किम ने स्पष्ट किया कि सियोल के साथ बातचीत की फिलहाल कोई संभावना नहीं है। हालांकि उन्होंने अमेरिका के साथ वार्ता के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि वॉशिंगटन बातचीत दोबारा शुरू करना चाहता है, तो उसे उत्तर कोरिया के प्रति अपनी “शत्रुतापूर्ण नीतियां” छोड़नी होंगी।

पार्टी महासचिव पद पर फिर चुने गए किम

सोमवार को किम जोंग उन को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के शीर्ष पद पर दोबारा निर्वाचित किया गया। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के अनुसार, हजारों प्रतिनिधियों की “एकमत इच्छा” से उन्हें पार्टी का महासचिव चुना गया। वर्ष 2016 से यह पार्टी कांग्रेस हर पांच साल में आयोजित की जाती है, जिसमें शीर्ष नेतृत्व का चुनाव होता है।

परमाणु शक्ति बढ़ाने पर जोर

किम ने अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं में हालिया प्रगति को देश की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने सेना को और मजबूत बनाने के लिए नई हथियार प्रणालियों के विकास का आह्वान भी किया। उनका कहना है कि इन प्रयासों से उत्तर कोरिया एक पूर्ण परमाणु-संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण कोरिया के खिलाफ कड़ी बयानबाजी का उद्देश्य तत्काल सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश देना है। इसके जरिए किम, मॉस्को और बीजिंग के साथ मजबूत होते संबंधों तथा परमाणु शक्ति के बल पर वैश्विक स्तर पर उत्तर कोरिया की भूमिका को और प्रभावशाली बनाना चाहते हैं।

दक्षिण कोरिया की प्रतिक्रिया

दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने उत्तर कोरिया के इस रुख को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। सियोल ने कहा कि वह अंतर-कोरियाई संबंधों में शांति और स्थिरता के लिए धैर्यपूर्वक प्रयास जारी रखेगा।

अमेरिका से बातचीत ठप

विशेषज्ञों के अनुसार, 2019 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वार्ता विफल होने के बाद से अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच संवाद लगभग ठप है। 2024 में किम ने दक्षिण कोरिया को “स्थायी दुश्मन” घोषित कर संबंधों में और अधिक तनाव पैदा कर दिया था।

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