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मिनी माथुर ने IndiGo पर लगाए गंभीर आरोप, बुजुर्ग पिता संग दुर्व्यवहार के बाद बोलीं- ‘जो ब्रांड करुणा से पेश नहीं आता…’
एक्ट्रेस और टीवी होस्ट मिनी माथुर ने मुंबई एयरपोर्ट पर अपने बुजुर्ग पिता के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर एयरलाइन इंडिगो पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मिनी माथुर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर एयरलाइन की सुविधाओं और स्टाफ के व्यवहार पर नाराज़गी जाहिर की है। मिनी माथुर ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि वह आमतौर पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल शिकायत या शर्मिंदा करने के लिए नहीं करतीं, लेकिन इस बार मामला सीनियर सिटीज़न्स से जुड़ा होने की वजह से आवाज़ उठाना ज़रूरी लगा।
मिनी माथुर ने इंडिगो पर निकाली भड़ास
उन्होंने लिखा कि इंडिगो को मुंबई एयरपोर्ट पर बुजुर्ग यात्रियों के साथ व्यवहार में सुधार करना चाहिए। मिनी माथुर के अनुसार, एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर यात्रियों के लिए कोई अलग चेक-इन काउंटर मौजूद नहीं था। इसके अलावा, काउंटर पर मौजूद एक महिला स्टाफ ने व्हीलचेयर पर बैठे यात्रियों का हैंड लगेज चेक-इन करने से भी मना कर दिया। मिनी ने सवाल उठाया कि जब कोई व्यक्ति चल भी नहीं सकता, तो वह केबिन लगेज कैसे संभालेगा। सबसे गंभीर आरोप यह था कि पहले से बुक की गई व्हीलचेयर भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
86 वर्षीय पिता संग दुर्व्यवहार के बाद फूटा एक्ट्रेस का गुस्सा
मिनी माथुर ने बताया कि उनके 86 वर्षीय पिता को गेट तक पहुंचने के लिए करीब एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ा, वह भी केबिन लगेज के साथ। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान न तो कोई बग्गी की व्यवस्था थी और न ही कोई मदद उपलब्ध कराई गई। मिनी माथुर ने अपनी पोस्ट के अंत में एयरलाइन पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि जो ब्रांड उम्र के साथ सहानुभूति और करुणा से पेश नहीं आता, वह कभी अच्छी तरह से उम्र नहीं बढ़ा सकता।
मिनी माथुर के पोस्ट से सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई यूज़र्स ने मिनी माथुर का समर्थन करते हुए एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स पर बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं की मांग की है। वहीं, कुछ लोगों ने एयरलाइंस से इस मामले पर स्पष्टीकरण देने की भी अपील की है। फिलहाल इंडिगो एयरलाइंस की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला एक बार फिर देश के बड़े एयरपोर्ट्स पर सीनियर सिटीज़न्स और विशेष जरूरत वाले यात्रियों की सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े करता है।