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‘ये वो देश नहीं है जहां मैं…’, नसीरुद्दीन शाह ने कही चौंकाने वाली बात; क्यों सरकार के खिलाफ उठाते हैं सवाल?
अपने शानदार अभिनय के साथ-साथ बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है मुंबई यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम से ऐन वक्त पर उनका नाम हटाया जाना, जिस पर अभिनेता ने नाराज़गी जताते हुए आयोजकों और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नसीरुद्दीन शाह ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मीडिया में एक लेख के ज़रिए अपनी बात रखी है। अभिनेता के मुताबिक, उन्हें मुंबई यूनिवर्सिटी के उर्दू डिपार्टमेंट द्वारा 1 फरवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होना था, जहां वे छात्रों से बातचीत करने को लेकर खासे उत्साहित थे। लेकिन 31 जनवरी की रात उन्हें सूचित किया गया कि अब उनकी मौजूदगी की जरूरत नहीं है। न तो कोई कारण बताया गया और न ही कोई औपचारिक माफी दी गई।
नसीरुद्दीन शाह ने लगाए आरोप
अभिनेता ने आरोप लगाया कि बाद में यूनिवर्सिटी की ओर से वहां मौजूद लोगों को यह बताया गया कि उन्होंने खुद कार्यक्रम में आने से मना कर दिया था, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं था। नसीरुद्दीन शाह का कहना है कि शायद आयोजकों में सच्चाई बताने का साहस नहीं था। अपने लेख में अभिनेता ने आगे लिखा कि उन्हें यह भी बताया गया कि यूनिवर्सिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह कहकर उनकी मौजूदगी पर आपत्ति जताई कि वह देश के खिलाफ बयान देते हैं। इस पर नसीरुद्दीन शाह ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ऐसा है, तो वह उस अधिकारी को चुनौती देते हैं कि वह उनका एक भी ऐसा बयान दिखाएं, जिसमें उन्होंने देश को बुरा कहा हो।
सरकार के फैसलों की आलोचना करते हैं नसीरुद्दीन
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सरकार के कई फैसलों की आलोचना करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे, क्योंकि एक नागरिक के तौर पर सवाल उठाना उनका अधिकार है। अभिनेता ने उन मुद्दों का भी जिक्र किया, जिन पर वह लगातार आवाज उठाते आए हैं—
बिना मुकदमे के सालों तक जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता
बलात्कार और हत्या के दोषियों को आसानी से मिलने वाली जमानत
गाय के नाम पर होने वाली हिंसा
इतिहास और पाठ्यक्रम में किए जा रहे बदलाव
विज्ञान से जुड़ी सोच में हस्तक्षेप
लेख के अंत में नसीरुद्दीन शाह ने सवाल उठाया कि “यह नफरत आखिर कब तक चलेगी?” उन्होंने लिखा कि यह वह देश नहीं है जिसमें वे बड़े हुए और जिससे उन्हें प्यार करना सिखाया गया था। आज हर तरफ निगरानी, सोच पर पहरा और नफरत का माहौल है। अभिनेता ने जॉर्ज ऑरवेल के उपन्यास ‘1984’ का जिक्र करते हुए कहा कि क्या आज का माहौल उससे मिलता-जुलता नहीं है, जहां किसी बड़े नेता की तारीफ न करना भी देशद्रोह समझा जाने लगता है।
वर्कफ्रंट की बात करें तो नसीरुद्दीन शाह आखिरी बार पिछले साल रिलीज हुई फिल्म ‘गुस्ताख इश्क’ में नजर आए थे, जिसमें उन्होंने एक शायर का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके साथ विजय वर्मा और फातिमा सना शेख अहम भूमिकाओं में थे। आने वाले समय में वह अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘अस्सी’ में दिखाई देंगे।