रिलिजन
चैत्र नवरात्रि 2026: क्या करें और क्या न करें, जानें पूरे 9 दिन के नियम
चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से होकर 27 मार्च तक चलेगी। यह नौ दिनों का पावन पर्व मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित होता है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है और कलश स्थापना के साथ नवरात्रि का शुभारंभ होता है।
नवरात्रि में क्या करें?
-ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान और पूजा करें।
-स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर शुद्धता बनाए रखें।
-पूजा स्थान को साफ और पवित्र रखें।
-पीले, लाल, नारंगी या सफेद रंग के कपड़े पहनें।
-जरूरतमंदों को दान दें और सकारात्मक व्यवहार रखें।
-गुस्सा, झूठ और नकारात्मक सोच से दूर रहें।
शुभ मुहूर्त में करें घटस्थापना
19 मार्च को सुबह 6:52 से 7:43 बजे के बीच कलश स्थापना करना शुभ माना गया है। कलश में जल, आम के पत्ते और नारियल रखें। साथ ही मिट्टी में जौ (जवारे) बोना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
सात्विक भोजन अपनाएं
अगर आप व्रत रखते हैं, तो इस दौरान फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़े के आटे का सेवन करें। सेंधा नमक का उपयोग करें और दिन में एक बार, वह भी सूर्यास्त से पहले भोजन करना बेहतर माना जाता है।
मंत्र जाप और पूजा विधि
-दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
-“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं” मंत्र का 108 बार जाप करें।
-जाप करते समय मुख उत्तर दिशा की ओर रखें।
-कलश के पास घी का दीपक जलाकर रखें और उसे निरंतर जलते रहने दें।
-शाम के समय परिवार के साथ आरती और भोग लगाएं।
नवरात्रि में क्या न करें?
-मांस, अंडा, शराब और तंबाकू का सेवन न करें।
-व्रत में सरसों का तेल, हींग और सामान्य नमक से बचें।
-गेहूं, चावल और दाल का सेवन न करें।
-पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड से दूरी रखें।
-बाल, नाखून या दाढ़ी कटवाने से बचें।
-अखंड ज्योति जलाने पर घर खाली छोड़कर बाहर न जाएं।
-लोहे के सामान या नुकीले औजार खरीदना शुभ नहीं माना जाता।
श्रद्धा और नियमों से मिलेगा माता का आशीर्वाद
नवरात्रि केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और अनुशासन का भी समय है। यदि आप इन नियमों का पालन सच्ची श्रद्धा के साथ करते हैं, तो मां दुर्गा की कृपा से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है। इस नवरात्रि, सही विधि और शुद्ध भाव से पूजा करें और मां दुर्गा का आशीर्वाद पाएं।