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पाकिस्तान बेहाल… पेट्रोल 321 रुपये पार, डीजल के दामों पर भी दिखी जंग की मार
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। शुक्रवार और शनिवार की रात पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। सरकार ने पेट्रोल की कीमत में करीब 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल का दाम 335.86 रुपये प्रति लीटर हो गया है। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का असर सप्लाई पर
पाकिस्तान पूरी तरह से तेल के आयात पर निर्भर देश है। उसका अधिकांश कच्चा तेल सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आता है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते पाकिस्तान पहुंचता है। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग पर खतरा बढ़ गया है, जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती है।
इमरजेंसी बैठक में लिया गया फैसला
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला पाकिस्तान सरकार की एक इमरजेंसी बैठक में लिया गया। इस बैठक में डिप्टी प्राइम मिनिस्टर इशाक डार, वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में अंतरराष्ट्रीय हालात और तेल की सप्लाई पर पड़ रहे असर को देखते हुए कीमतें बढ़ाने का फैसला किया गया।
पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें
कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद कराची, लाहौर और इस्लामाबाद समेत कई शहरों में पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। बड़ी संख्या में लोग अपनी गाड़ियों में पेट्रोल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिससे कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सरकार का दावा – पर्याप्त तेल भंडार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है।
IMF की सलाह भी बनी वजह
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी पाकिस्तान को सलाह दी है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से तय की जाएं। इसी कारण सरकार ने कीमतों में संशोधन किया है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अब हर हफ्ते तेल की कीमतों की समीक्षा की जाएगी, ताकि वैश्विक बाजार के अनुसार दाम तय किए जा सकें।