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Petrol Diesel Price Today: क्या बदले दाम? पड़ोसी देशों में पेट्रोल 400 के पार, LPG भी महंगा
ईरान-इजरायल युद्ध का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर दबाव बढ़ गया है। हाल ही में प्रीमियम पेट्रोल-डीजल के दाम 2 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बढ़ाए गए, जबकि 7 मार्च को एलपीजी सिलेंडर भी महंगा हो चुका है। इसके साथ ही कई जगहों पर एलपीजी की किल्लत की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
कच्चे तेल की स्थिति
वैश्विक बाजार में कच्चा तेल अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड करीब 111.43 डॉलर प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) लगभग 98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। यह संकेत है कि आने वाले समय में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।
भारत में फिलहाल राहत
हालांकि, फिलहाल भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं। 23 मार्च की सुबह जारी रेट के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर है, जबकि प्रीमियम ईंधन XP95 पेट्रोल 101.89 रुपये और XG डीजल 91.49 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। देश में सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल पोर्ट ब्लेयर में है, जहां पेट्रोल 82.46 रुपये और डीजल 78.05 रुपये प्रति लीटर है।
पड़ोसी देशों में महंगाई का असर
दूसरी ओर, पड़ोसी देशों में हालात काफी अलग हैं, जहां ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। श्रीलंका में पेट्रोल 398 रुपये और डीजल 382 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है, जबकि पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में 24.4% और डीजल में 21.8% की बढ़ोतरी हुई है। चीन, म्यांमार और अफगानिस्तान में भी ईंधन महंगा हुआ है। हालांकि नेपाल और बांग्लादेश में अभी तक कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
LPG सिलेंडर के ताजा रेट
एलपीजी सिलेंडर की बात करें तो घरेलू उपयोग के 14.2 किलोग्राम सिलेंडर के दाम भी अलग-अलग शहरों में ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। दिल्ली में यह 913 रुपये, मुंबई में 912.50 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये का है। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 1883, रुपये कोलकाता में 1875.50 रुपये मुंबई में 1835 रुपये और चेन्नई में 2043.50 रुपये तक पहुंच चुकी है।
आगे क्या होगा?
कुल मिलाकर, भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता जरूर है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति बदल सकती है। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहता है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर ईंधन और गैस की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे आम लोगों की जेब पर और बोझ बढ़ने की आशंका है।