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Bitcoin Scam में राज कुंद्रा को मिली जमानत, PMLA कोर्ट ने दी राहत

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बिजनेसमैन Raj Kundra को मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट से बिटकॉइन स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद वह कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय काफी राहत भरे अंदाज में नजर आए। हालांकि उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की और अपने वकील के साथ सीधे वहां से रवाना हो गए।

राज कुंद्रा को कोर्ट ने दी बेल

रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को मुंबई की विशेष PMLA कोर्ट ने उन्हें बेल दे दी। राज कुंद्रा के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इससे पहले कोर्ट ने उपलब्ध सबूतों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई थी और समन जारी किया था। विशेष PMLA जज आर. बी. रोटे ने जनवरी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इसके बाद राज कुंद्रा को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया। पेशी के दौरान उन्होंने जमानत की अर्जी दाखिल की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

क्या बोले राज कुंद्रा के वकील?

राज कुंद्रा के वकील प्रशांत पाटिल का कहना है कि उनके मुवक्किल 2021 से ईडी की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने दलील दी कि मामले से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज पहले ही जांच एजेंसी के पास मौजूद हैं, इसलिए उन्हें हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं थी। ईडी का आरोप है कि राज कुंद्रा ने यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फर्म स्थापित करने के उद्देश्य से कथित ‘गेन बिटकॉइन पोंजी स्कीम’ के मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज से 285 बिटकॉइन हासिल किए थे। एजेंसी का दावा है कि यह डील पूरी नहीं हो पाई, लेकिन संबंधित बिटकॉइन अभी भी उनके पास हैं, जिनकी मौजूदा कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

ईडी ने किया दावा

चार्जशीट के अनुसार, राज कुंद्रा ने खुद को केवल एक मीडिएटर बताया है। हालांकि जांच एजेंसी का कहना है कि उनके और अमित भारद्वाज के पिता महेंद्र भारद्वाज के बीच ‘टर्म शीट’ नाम से एक औपचारिक समझौता हुआ था, जिससे यह संकेत मिलता है कि उनकी भूमिका सिर्फ मध्यस्थ की नहीं थी। ईडी ने यह भी दावा किया है कि राज कुंद्रा को सात साल बाद भी बिटकॉइन ट्रांजैक्शन के पांच हिस्सों में मिली सटीक राशि याद है, जो यह दर्शाता है कि वह कथित तौर पर लाभार्थी (Beneficial Owner) के रूप में शामिल थे।

ईडी ने क्या लगाया आरोप?

जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि 2018 से कई अवसर दिए जाने के बावजूद राज कुंद्रा उन वॉलेट एड्रेस की जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके, जहां 285 बिटकॉइन ट्रांसफर किए गए थे। वहीं राज का कहना है कि उनके खराब हो चुके आईफोन एक्स में संबंधित जानकारी थी। ईडी का आरोप है कि यह सबूत मिटाने की कोशिश हो सकती है।

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