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रॉबर्ट वाड्रा को शिकोहपुर मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिली जमानत, राहत मिलते ही ED जांच पर किया राजनीतिक हमला

शिकोहपुर भूमि सौदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत मिल गई है। राहत मिलने के बाद उन्होंने ED और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

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Priyanka Gandhi के पति और कारोबारी Robert Vadra को शिकोहपुर भूमि सौदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। Rouse Avenue Court ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 10 जुलाई को होगी।

कोर्ट से राहत के बाद ED पर साधा निशाना

जमानत मिलने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में Enforcement Directorate और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मैं जानता हूं कि ईडी को सरकार चला रही है और वह सरकार के इशारों पर काम करती है। इसके बावजूद मुझे न्यायपालिका पर विश्वास है।”

‘मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं’

अदालत परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए वाड्रा ने खुद को पूरी तरह निडर बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वे हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। वाड्रा ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रियाओं से भागने वाले नहीं हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

परिवार के प्रदर्शन से जोड़ा मामला

रॉबर्ट वाड्रा ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक संदर्भ से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि जब उनका परिवार चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करता है या जनता का समर्थन मिलता है, तब इस तरह की जांचों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि अगर लोग अब भी उनके परिवार को पसंद करते हैं, तो उन्हें इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना ही पड़ेगा।

क्या है शिकोहपुर भूमि सौदा मामला?

यह मामला हरियाणा के शिकोहपुर इलाके में हुए कथित भूमि सौदे और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों से संबंधित है। इस पूरे मामले की जांच Enforcement Directorate कर रही है। फिलहाल कोर्ट से मिली जमानत को रॉबर्ट वाड्रा के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

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पेट्रोल-डीजल के दामों ने बढ़ाई डिलीवरी-कैब ड्राइवरों पर परेशानी, Ola-Uber से लेकर Blinkit तक हड़ताल पर वर्कर्स

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों और LPG संकट से गिग वर्कर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विरोध में डिलीवरी और ऐप आधारित ड्राइवरों ने 5 घंटे सेवाएं बंद रखने का एलान किया है।

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देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने ऐप आधारित टैक्सी और ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं से जुड़े गिग वर्कर्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले लगभग चार वर्षों में यह पहली बड़ी ईंधन वृद्धि मानी जा रही है, जिसका सीधा असर लाखों डिलीवरी एजेंट और ड्राइवरों की कमाई पर पड़ रहा है।

5 घंटे ऐप सेवाएं बंद रखने का एलान

ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने रविवार दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक ऐप आधारित सेवाओं को बंद रखने की घोषणा की है। यूनियन का कहना है कि कंपनियों को तुरंत प्रति किलोमीटर सर्विस रेट बढ़ाना चाहिए ताकि बढ़ते खर्च का बोझ वर्कर्स पर न पड़े।

1.2 करोड़ गिग वर्कर्स प्रभावित

यूनियन के मुताबिक, देशभर में करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स इस बढ़ोतरी से प्रभावित होंगे। इनमें डिलीवरी पार्टनर्स, बाइक टैक्सी ड्राइवर और ऐप आधारित कैब ड्राइवर शामिल हैं, जिनकी रोजी-रोटी पूरी तरह दोपहिया वाहनों पर निर्भर है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह हैं।

LPG संकट ने बढ़ाई परेशानी

ईंधन महंगा होने के साथ-साथ एलपीजी संकट ने भी गिग वर्कर्स की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। गैस की कमी के कारण कई रेस्तरां और क्लाउड किचन ने अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं या अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।इसका सीधा असर फूड डिलीवरी सेक्टर पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑर्डर वॉल्यूम में 50 से 70 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे उन डिलीवरी एजेंटों की कमाई प्रभावित हुई है, जिनकी आय इंसेंटिव और ज्यादा ऑर्डर पर निर्भर करती है।

20 रुपये प्रति किलोमीटर न्यूनतम रेट की मांग

GIPSWU की अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई और भीषण गर्मी के बीच यह ईंधन वृद्धि श्रमिकों पर सीधा आर्थिक प्रहार है। उन्होंने कहा कि Swiggy, Zomato, Blinkit और अन्य प्लेटफॉर्म्स से जुड़े वर्कर्स अब अतिरिक्त खर्च उठाने की स्थिति में नहीं हैं। यूनियन ने मांग की है कि कम से कम 20 रुपये प्रति किलोमीटर का न्यूनतम सर्विस रेट तय किया जाए।

महिला वर्कर्स पर सबसे ज्यादा असर

रिपोर्ट के मुताबिक, इस संकट का सबसे ज्यादा असर महिला गिग वर्कर्स और डिलीवरी एजेंटों पर पड़ रहा है। कई कर्मचारी रोजाना 10 से 14 घंटे तक भारी ट्रैफिक और खराब मौसम में काम करने को मजबूर हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि कमाई नहीं बढ़ी तो बड़ी संख्या में लोग इस सेक्टर को छोड़ सकते हैं।

इन सेवाओं पर दिख सकता है असर

रविवार को होने वाले 5 घंटे के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में कई बड़े प्लेटफॉर्म्स से जुड़े वर्कर्स के शामिल होने की संभावना है। इसका असर Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, Ola, Uber और Rapido जैसी सेवाओं पर देखने को मिल सकता है।

आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगा सेक्टर

NITI Aayog के अनुमान के अनुसार, चुनौतियों के बावजूद भारत में गिग इकॉनमी का विस्तार लगातार जारी रहेगा। वर्ष 2020-21 में देश में गिग वर्कर्स की संख्या करीब 77 लाख थी, जो 2029-30 तक बढ़कर 2.3 करोड़ से अधिक हो सकती है।

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‘मजबूत परिवार से ही मजबूत समाज…’, मंत्री श्रवण कुमार का संदेश

Shravan Kumar ने परिवार दिवस पर कहा कि परिवार केवल रिश्तों का समूह नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, संस्कार और सहयोग की मजबूत नींव है। उन्होंने समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता के लिए मजबूत और संस्कारी परिवारों के निर्माण पर जोर दिया।

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श्रवण कुमार ने परिवार दिवस के अवसर पर कहा कि परिवार केवल रक्त संबंधों का समूह नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, संस्कार और सहयोग की सबसे मजबूत नींव होता है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत परिवार ही समाज और राष्ट्र की असली ताकत बनता है।

“सशक्त परिवार से मजबूत समाज का निर्माण”

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि समाज की मजबूती सशक्त और संस्कारी परिवारों पर आधारित होती है। जब परिवारों में आपसी प्रेम, सम्मान और एकता बनी रहती है, तब समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता का वातावरण विकसित होता है।

परिवार की एकजुटता को बताया राष्ट्र की शक्ति

उन्होंने कहा कि परिवार की एकजुटता ही समाज और राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। परिवारों में अच्छे संस्कार और सहयोग की भावना आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा देने का काम करती है।

प्रेमपूर्ण परिवार बनाने का लिया जाए संकल्प

परिवार दिवस के मौके पर मंत्री ने लोगों से मजबूत, संस्कारी और प्रेमपूर्ण परिवारों के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवारों में आपसी विश्वास और सम्मान बनाए रखना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

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सहयोग शिविर: अब हर विभाग में बनेगा ‘सहयोग सेल’, गांवों की शिकायतों पर होगी सीधी नजर

बिहार सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सभी विभागों में सहयोग सेल गठित करेगी। Pratyay Amrit के निर्देश पर 19 मई से हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर फोकस रहेगा।

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ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्या समाधान करने के लिए आयोजित होने वाले सहयोग शिविर को लेकर सभी विभागों में सहयोग सेल का गठन किया जाएगा। इस सहयोग सेल में नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति होगी जो समय-समय पर पोर्टल पर उपलब्ध आवेदनों की निगरानी करेंगे और इससे सक्षम प्राधिकार को अवगत कराएंगे।

सहयोग शिविर के लिए सभी विभागों में बनेगा सहयोग सेल

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहैल ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधिक्षक को जारी पत्र में कहा है कि सहयोग शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण के लिए विभिन्न स्तरों पर सहयोग सेल का गठन आवश्यक है। इस दिशा में उन्होंने विभाग स्तर पर सेल गठित करने के निर्देश दिए हैं।

नोडल पदाधिकारी करेंगे पोर्टल की निगरानी

पत्र में उन्होंने कहा है कि संभावित कार्यालयों में जिला पदाधिकारी सहयोग सेल का गठन करेंगे। यह सेल जिला से लेकर अंचल और प्रखंड स्तर पर गठित होगा। सहयोग सेल में सेवारत पदाधिकारी का दायित्व यह होगा कि वह पोर्टल की निगरानी करेंगे और लंबित आवेदन और निस्तारण की स्थिति से सक्षम प्राधिकार को अवगत कराएंगे ताकि आवेदन और शिकायतों का निर्धारित समय में निस्तारण हो सके।

समाधान शिविर को लेकर विभागों को भेजा जा चुका है पत्र

बता दें कि ग्रामीण अंचल में रहने वाले लोगों की समस्या 30 दिन में समाधान करने की दिशा में सरकार ने समाधान शिविर लगाने का निर्देश दिया है। इसके तहत प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन होने जा रहा है। इसकी शुरुआत 19 मई से होगी। इस शिविर के आयोजन को लेकर राज्य के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक को पत्र जारी कर समुचित दिशा-निर्देश जारी किया है। इसी पत्र को ध्यान में रखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव ने विभाग के पदाधिकारियों को सहयोग सेल गठित करने के लिए कहा है।

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