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क्रिकेट के जुनून ने ली जान! वर्ल्ड कप मैच में भारत की हार सह नहीं पाए ये मशहूर एक्टर, हार्ट अटैक से हुई मौत
बॉलीवुड और क्रिकेट का रिश्ता हमेशा से खास रहा है। कई फिल्मी सितारों ने इस खेल के प्रति अपना गहरा लगाव दिखाया है। लेकिन 1980 और 1990 के दशक के एक अभिनेता ऐसे भी थे, जिनका क्रिकेट के प्रति जुनून इतना ज्यादा था कि भारत की वर्ल्ड कप हार का सदमा वह सह नहीं पाए। यह अभिनेता थे Shafi Inamdar, जिन्हें क्रिकेट से बेहद लगाव था।
क्रिकेट के जबरदस्त दीवाने थे शफी इनामदार
शफी इनामदार क्रिकेट के इतने बड़े प्रशंसक थे कि शूटिंग के दौरान भी मैच का स्कोर जानने का मौका नहीं छोड़ते थे। सेट पर मौजूद लोग बताते हैं कि वे अक्सर टेक के बीच में पूछते थे—“स्कोर क्या हुआ?” और जैसे ही ब्रेक मिलता, वे पास के किसी टीवी पर मैच देखने पहुंच जाते थे।
वर्ल्ड कप मैच के दौरान हुआ हादसा
13 मार्च 1996 को क्रिकेट वर्ल्ड कप के भारत बनाम श्रीलंका सेमीफाइनल मैच के दौरान एक दुखद घटना हुई। जब भारत लक्ष्य का पीछा करते हुए मुश्किल में पड़ गया और हार की स्थिति बनने लगी, तो बताया जाता है कि शफी इनामदार इस सदमे को सह नहीं पाए। उसी दौरान उन्हें गंभीर हार्ट अटैक आया और उसी शाम उनका निधन हो गया। उनके एक करीबी थिएटर साथी ने बाद में कहा, “क्रिकेट उनकी धड़कन था। दुख की बात है कि जिस खेल से उन्हें इतना प्यार था, वही उनकी आखिरी सांस का कारण बन गया।”
रत्नागिरी से मुंबई तक का सफर
शफी इनामदार का जन्म महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के दापोली में हुआ था। बाद में वे पढ़ाई के लिए मुंबई आ गए। कॉलेज के दिनों में ही उन्हें थिएटर से जुड़ाव महसूस हुआ और यहीं से उनके अभिनय करियर की शुरुआत हुई। उन्होंने गुजराती और मराठी थिएटर में काम करते हुए अपनी पहचान बनाई। इसके बाद वे प्रतिष्ठित थिएटर समूहों नेशनल थिएटर ऑफ इंडिया और इंडियन पीपल्स थिएटर एसोसिएशन (IPTA) से भी जुड़े।
फिल्मों और टीवी में बनाई अलग पहचान
शफी इनामदार ने 1982 में फिल्म Vijeta से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने Ardh Satya, अनोखा रिश्ता, नजराना, सदा सुहागन और अमृत जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय किया। हालांकि उन्हें असली लोकप्रियता दूरदर्शन के मशहूर सिटकॉम Yeh Jo Hai Zindagi से मिली। इस शो में उनके किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।
टीवी के कई लोकप्रिय शो में भी आए नजर
इसके बाद शफी इनामदार कई टीवी कार्यक्रमों में दिखाई दिए, जिनमें आधा सच आधा झूठ, गालिब और बादशाह जहांगीर जैसे शो शामिल हैं।हालांकि उनका जीवन अचानक खत्म हो गया, लेकिन अपने अभिनय और व्यक्तित्व से उन्होंने भारतीय सिनेमा और टीवी की दुनिया में एक यादगार छाप छोड़ी।