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Sidhu Moosewala मर्डर केस में बड़ा फैसला, SC ने 2 आरोपियों को दी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से जुड़े मामले में दो आरोपियों पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत दे दी है। अदालत के आदेश के मुताबिक, दोनों आरोपी मुकदमे की सुनवाई जारी रहने के दौरान हिरासत से रिहा हो सकेंगे। यह आदेश जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिया।
पवन बिश्नोई पर क्या हैं आरोप?
पवन बिश्नोई पर आरोप है कि वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से जुड़ा हुआ था और उसने हत्या की साजिश में इस्तेमाल किए गए वाहन की व्यवस्था कर अपराध में लॉजिस्टिक मदद की थी। हालांकि अदालत में उसके वकील ने दलील दी कि उसके खिलाफ मुख्य आरोप सिर्फ इतना है कि उसने उस बोलेरो वाहन की व्यवस्था की थी, जिसका कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल हुआ।
अदालत में क्या हुई बहस?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि सुरक्षा के लिहाज से आरोपी का जेल में रहना बेहतर हो सकता है। इस पर बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल का लॉरेंस बिश्नोई से कोई संबंध नहीं है और दोनों का सिर्फ उपनाम समान है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी लगभग तीन साल दस महीने से जेल में बंद है और उसके पास से कोई आपत्तिजनक बरामदगी भी नहीं हुई है।
राज्य सरकार ने किया जमानत का विरोध
राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि हत्या में इस्तेमाल वाहन की व्यवस्था के लिए सह-आरोपियों ने पवन बिश्नोई को करीब 41 कॉल किए थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि जेल के भीतर से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कैसे हो रहा था और मामले की सुनवाई किस चरण में है। सरकार की ओर से बताया गया कि केस फिलहाल साक्ष्य दर्ज करने के चरण में है और कुछ संरक्षित गवाह पहले ही आरोपियों के खिलाफ बयान दे चुके हैं।
जगतार सिंह की ओर से क्या दलील दी गई
सह-आरोपी जगतार सिंह के वकील ने अदालत में कहा कि मूसेवाला के घर के पास लगे कैमरे उसके अपने घर की सुरक्षा के लिए लगाए गए थे। उनका कहना था कि इन कैमरों का इस्तेमाल गायक के घर की रेकी करने के लिए नहीं किया गया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत दे दी।
मई 2022 में हुई थी सिद्धू मूसेवाला की हत्या
28 वर्षीय सिद्धू मूसेवाला की मई 2022 में पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय वह अपनी एसयूवी में सफर कर रहे थे। इस हत्या की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली थी, जिसे लॉरेंस बिश्नोई का करीबी माना जाता है।