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IND vs SA: टीम इंडिया को सुपर 8 में मिली करारी हार, फिर भी 2007 वाला ‘संयोग’ दे रहा उम्मीद की किरण!
ग्रुप स्टेज में दमदार प्रदर्शन कर सुपर 8 में पहुंची टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले ही मुकाबले में बड़ा झटका लगा। अफ्रीकी टीम ने 76 रनों से करारी शिकस्त देकर भारतीय खेमे का आत्मविश्वास हिला दिया। इस हार का असर सिर्फ खिलाड़ियों के मनोबल पर ही नहीं, बल्कि नेट रन रेट पर भी पड़ा है। ऐसे में फैंस के मन में सवाल उठने लगे हैं—क्या टीम इंडिया सेमीफाइनल तक पहुंच पाएगी? लेकिन इसी बीच एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जो भारतीय समर्थकों को उम्मीद दे रहा है।
इतिहास दोहराने का मौका?
टी20 विश्व कप का पहला संस्करण साल 2007 में साउथ अफ्रीका में खेला गया था। उस समय MS Dhoni की कप्तानी में टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज में कोई मैच नहीं गंवाया था। हालांकि अगले दौर के पहले ही मुकाबले में New Zealand national cricket team से 10 रन से हार मिली थी। उस हार के बाद भारतीय टीम ने जबरदस्त वापसी की और आखिरकार खिताब अपने नाम किया। साल 2026 के टी20 विश्व कप में भी कुछ ऐसा ही परिदृश्य देखने को मिल रहा है। टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज में सभी मैच जीतकर सुपर 8 में जगह बनाई, लेकिन पहले ही मैच में हार का सामना करना पड़ा।
अब करनी होगी जोरदार वापसी
अगर 2007 जैसा इतिहास दोहराना है तो टीम को शानदार कमबैक करना होगा। बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेकर बड़े स्कोर खड़े करने होंगे और गेंदबाजों को शुरुआती झटके देने होंगे। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। साथ ही यह भी उम्मीद करनी होगी कि साउथ अफ्रीका अपने बाकी दोनों मुकाबले जीत जाए, ताकि समीकरण भारत के पक्ष में बन सकें।
कोई चूक की गुंजाइश नहीं
सूर्या एंड कंपनी के लिए अब हर मैच करो या मरो जैसा है। खिताब की राह आसान नहीं है, लेकिन 2007 की तरह अगर टीम एकजुट होकर खेले तो वापसी नामुमकिन नहीं। अब देखना होगा कि क्या टीम इंडिया इतिहास दोहराकर फैंस को जश्न मनाने का मौका दे पाती है या नहीं।