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UPSC 2025 में AIIMS के डॉक्टर ने रचा इतिहास, अनुज अग्निहोत्री बने ऑल इंडिया टॉपर

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देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया। इस साल राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। उनके टॉप करने के साथ ही लाखों अभ्यर्थियों का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। अनुज की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को गर्व महसूस कराया है, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए भी यह गौरव का क्षण बन गया है। आइए जानते हैं आखिर कौन हैं अनुज अग्निहोत्री और उन्होंने यह मुकाम कैसे हासिल किया।

कौन हैं अनुज अग्निहोत्री?

अनुज अग्निहोत्री मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर जिले के राटा गांव के रहने वाले हैं। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले अनुज ने अपनी मेहनत और लगन से देश की सबसे कठिन परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल कर एक मिसाल कायम की है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए तो किसी भी बड़ी उपलब्धि को हासिल किया जा सकता है।

डॉक्टर से बने UPSC टॉपर

अनुज अग्निहोत्री पेशे से डॉक्टर हैं। उन्होंने साल 2023 में AIIMS जोधपुर से MBBS की पढ़ाई पूरी की। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा और उसी दिशा में तैयारी शुरू कर दी। डॉक्टर बनने के बाद भी उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य नहीं छोड़ा और लगातार पढ़ाई करते हुए आखिरकार देश में पहली रैंक हासिल कर ली।

संघर्ष के बाद मिली बड़ी सफलता

अनुज की यह सफलता एक ही प्रयास में नहीं मिली। इससे पहले वे 2023 की सिविल सेवा परीक्षा की रिजर्व लिस्ट में शामिल हुए थे। वहीं 2024 में उन्होंने मेन्स परीक्षा भी क्वालिफाई कर ली थी, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाए। लगातार प्रयास और बेहतर रणनीति के साथ उन्होंने 2025 में फिर से परीक्षा दी और इस बार सीधे ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर ली। उनका रोल नंबर 1131589 है और उन्होंने कुल 2025 अंकों में से लगभग 1000 अंक हासिल किए।

देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है UPSC

सिविल सेवा परीक्षा को भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन अंतिम चयन सीमित अभ्यर्थियों का ही हो पाता है। इस परीक्षा में उम्मीदवारों को प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू के तीन कठिन चरणों से गुजरना पड़ता है। इसमें सफलता के लिए गहरी विषय समझ, विश्लेषण क्षमता और मजबूत व्यक्तित्व बेहद जरूरी होता है।

इन सेवाओं के लिए होता है चयन

UPSC सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की प्रमुख प्रशासनिक सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

Indian Administrative Service (IAS)

Indian Police Service (IPS)

Indian Foreign Service (IFS)

चयनित उम्मीदवारों को आगे प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके बाद उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा बने अनुज

अनुज अग्निहोत्री की सफलता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं। उनकी कहानी यह बताती है कि असफलता के बाद भी अगर व्यक्ति हिम्मत नहीं हारता और लगातार मेहनत करता है तो सफलता जरूर मिलती है। UPSC 2025 के परिणाम के साथ ही अब सफल उम्मीदवारों के लिए प्रशासनिक सेवाओं में नई जिम्मेदारियों का रास्ता खुल गया है। वहीं अनुज अग्निहोत्री की यह उपलब्धि आने वाले समय में सिविल सेवा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आएगी।

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रॉबर्ट वाड्रा को शिकोहपुर मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिली जमानत, राहत मिलते ही ED जांच पर किया राजनीतिक हमला

शिकोहपुर भूमि सौदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत मिल गई है। राहत मिलने के बाद उन्होंने ED और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

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Priyanka Gandhi के पति और कारोबारी Robert Vadra को शिकोहपुर भूमि सौदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। Rouse Avenue Court ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 10 जुलाई को होगी।

कोर्ट से राहत के बाद ED पर साधा निशाना

जमानत मिलने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में Enforcement Directorate और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मैं जानता हूं कि ईडी को सरकार चला रही है और वह सरकार के इशारों पर काम करती है। इसके बावजूद मुझे न्यायपालिका पर विश्वास है।”

‘मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं’

अदालत परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए वाड्रा ने खुद को पूरी तरह निडर बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वे हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। वाड्रा ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रियाओं से भागने वाले नहीं हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

परिवार के प्रदर्शन से जोड़ा मामला

रॉबर्ट वाड्रा ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक संदर्भ से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि जब उनका परिवार चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करता है या जनता का समर्थन मिलता है, तब इस तरह की जांचों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि अगर लोग अब भी उनके परिवार को पसंद करते हैं, तो उन्हें इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना ही पड़ेगा।

क्या है शिकोहपुर भूमि सौदा मामला?

यह मामला हरियाणा के शिकोहपुर इलाके में हुए कथित भूमि सौदे और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों से संबंधित है। इस पूरे मामले की जांच Enforcement Directorate कर रही है। फिलहाल कोर्ट से मिली जमानत को रॉबर्ट वाड्रा के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

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पेट्रोल-डीजल के दामों ने बढ़ाई डिलीवरी-कैब ड्राइवरों पर परेशानी, Ola-Uber से लेकर Blinkit तक हड़ताल पर वर्कर्स

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों और LPG संकट से गिग वर्कर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विरोध में डिलीवरी और ऐप आधारित ड्राइवरों ने 5 घंटे सेवाएं बंद रखने का एलान किया है।

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देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने ऐप आधारित टैक्सी और ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं से जुड़े गिग वर्कर्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले लगभग चार वर्षों में यह पहली बड़ी ईंधन वृद्धि मानी जा रही है, जिसका सीधा असर लाखों डिलीवरी एजेंट और ड्राइवरों की कमाई पर पड़ रहा है।

5 घंटे ऐप सेवाएं बंद रखने का एलान

ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने रविवार दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक ऐप आधारित सेवाओं को बंद रखने की घोषणा की है। यूनियन का कहना है कि कंपनियों को तुरंत प्रति किलोमीटर सर्विस रेट बढ़ाना चाहिए ताकि बढ़ते खर्च का बोझ वर्कर्स पर न पड़े।

1.2 करोड़ गिग वर्कर्स प्रभावित

यूनियन के मुताबिक, देशभर में करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स इस बढ़ोतरी से प्रभावित होंगे। इनमें डिलीवरी पार्टनर्स, बाइक टैक्सी ड्राइवर और ऐप आधारित कैब ड्राइवर शामिल हैं, जिनकी रोजी-रोटी पूरी तरह दोपहिया वाहनों पर निर्भर है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह हैं।

LPG संकट ने बढ़ाई परेशानी

ईंधन महंगा होने के साथ-साथ एलपीजी संकट ने भी गिग वर्कर्स की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। गैस की कमी के कारण कई रेस्तरां और क्लाउड किचन ने अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं या अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।इसका सीधा असर फूड डिलीवरी सेक्टर पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑर्डर वॉल्यूम में 50 से 70 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे उन डिलीवरी एजेंटों की कमाई प्रभावित हुई है, जिनकी आय इंसेंटिव और ज्यादा ऑर्डर पर निर्भर करती है।

20 रुपये प्रति किलोमीटर न्यूनतम रेट की मांग

GIPSWU की अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई और भीषण गर्मी के बीच यह ईंधन वृद्धि श्रमिकों पर सीधा आर्थिक प्रहार है। उन्होंने कहा कि Swiggy, Zomato, Blinkit और अन्य प्लेटफॉर्म्स से जुड़े वर्कर्स अब अतिरिक्त खर्च उठाने की स्थिति में नहीं हैं। यूनियन ने मांग की है कि कम से कम 20 रुपये प्रति किलोमीटर का न्यूनतम सर्विस रेट तय किया जाए।

महिला वर्कर्स पर सबसे ज्यादा असर

रिपोर्ट के मुताबिक, इस संकट का सबसे ज्यादा असर महिला गिग वर्कर्स और डिलीवरी एजेंटों पर पड़ रहा है। कई कर्मचारी रोजाना 10 से 14 घंटे तक भारी ट्रैफिक और खराब मौसम में काम करने को मजबूर हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि कमाई नहीं बढ़ी तो बड़ी संख्या में लोग इस सेक्टर को छोड़ सकते हैं।

इन सेवाओं पर दिख सकता है असर

रविवार को होने वाले 5 घंटे के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में कई बड़े प्लेटफॉर्म्स से जुड़े वर्कर्स के शामिल होने की संभावना है। इसका असर Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, Ola, Uber और Rapido जैसी सेवाओं पर देखने को मिल सकता है।

आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगा सेक्टर

NITI Aayog के अनुमान के अनुसार, चुनौतियों के बावजूद भारत में गिग इकॉनमी का विस्तार लगातार जारी रहेगा। वर्ष 2020-21 में देश में गिग वर्कर्स की संख्या करीब 77 लाख थी, जो 2029-30 तक बढ़कर 2.3 करोड़ से अधिक हो सकती है।

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‘मजबूत परिवार से ही मजबूत समाज…’, मंत्री श्रवण कुमार का संदेश

Shravan Kumar ने परिवार दिवस पर कहा कि परिवार केवल रिश्तों का समूह नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, संस्कार और सहयोग की मजबूत नींव है। उन्होंने समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता के लिए मजबूत और संस्कारी परिवारों के निर्माण पर जोर दिया।

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श्रवण कुमार ने परिवार दिवस के अवसर पर कहा कि परिवार केवल रक्त संबंधों का समूह नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, संस्कार और सहयोग की सबसे मजबूत नींव होता है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत परिवार ही समाज और राष्ट्र की असली ताकत बनता है।

“सशक्त परिवार से मजबूत समाज का निर्माण”

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि समाज की मजबूती सशक्त और संस्कारी परिवारों पर आधारित होती है। जब परिवारों में आपसी प्रेम, सम्मान और एकता बनी रहती है, तब समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता का वातावरण विकसित होता है।

परिवार की एकजुटता को बताया राष्ट्र की शक्ति

उन्होंने कहा कि परिवार की एकजुटता ही समाज और राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। परिवारों में अच्छे संस्कार और सहयोग की भावना आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा देने का काम करती है।

प्रेमपूर्ण परिवार बनाने का लिया जाए संकल्प

परिवार दिवस के मौके पर मंत्री ने लोगों से मजबूत, संस्कारी और प्रेमपूर्ण परिवारों के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवारों में आपसी विश्वास और सम्मान बनाए रखना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

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