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भारत में WhatsApp पर लटकी तलवार! SC आज सुनाएगा फैसला, जानें Meta पर 213 करोड़ जुर्माना क्यों?

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भारत में 85 करोड़ से ज्यादा यूजर्स इस्तेमाल करने वाले WhatsApp को लेकर बड़ी चर्चा छिड़ गई है। सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या देश में व्हाट्सऐप की सेवाएं जारी रहेंगी या नहीं। अदालत ने पैरेंट कंपनी Meta Platforms को साफ शब्दों में कहा है कि वह भारतीय कानूनों का पालन करे, वरना देश छोड़ने के विकल्प पर विचार करे। 23 फरवरी को इस मामले में अहम सुनवाई होनी है और शाम तक महत्वपूर्ण फैसला आ सकता है।

2021 की प्राइवेसी पॉलिसी से शुरू हुआ विवाद

पूरा मामला 2021 में लागू की गई व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ा है। इस पॉलिसी के तहत व्हाट्सऐप यूजर्स का डेटा मेटा अपनी अन्य कंपनियों जैसे Facebook और Instagram के साथ साझा कर सकती थी। इसी पर आपत्ति जताते हुए Competition Commission of India (CCI) ने स्वत: संज्ञान लिया और जांच शुरू की। नवंबर 2024 में CCI ने मेटा पर 2013 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। मेटा ने इस फैसले को National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) में चुनौती दी। नवंबर 2025 में ट्रिब्यूनल ने आंशिक राहत दी, लेकिन जुर्माना बरकरार रखा। इसके बाद जनवरी 2026 में मेटा सुप्रीम कोर्ट पहुंची।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

3 फरवरी की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की बेंच—जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया—ने मेटा को स्पष्ट चेतावनी दी कि यूजर्स का डेटा बिना अनुमति साझा करना प्राइवेसी का उल्लंघन होगा। कोर्ट ने कहा कि कंपनी भारतीय कानूनों का पालन करे, अन्यथा देश छोड़ने के विकल्प पर विचार करे।

दो विकल्पों के साथ लागू हुई थी पॉलिसी

2021 में जब नई पॉलिसी लागू हुई थी, तब यूजर्स को दो विकल्प दिए गए थे— डेटा शेयरिंग पॉलिसी स्वीकार करें या अपना अकाउंट डिलीट करें। हालांकि व्हाट्सऐप ने दावा किया था कि चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं और कंपनी उन्हें नहीं पढ़ सकती। लेकिन बिजनेस अकाउंट और विज्ञापनों के लिए डेटा इस्तेमाल किए जाने की बात ने विवाद को और बढ़ा दिया।

DPDP एक्ट के बाद बदले नियम

2023 में भारत सरकार ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट लागू किया। इस कानून के तहत:

-यूजर अपने डेटा का मालिक खुद होगा।

-कंपनियां बिना अनुमति डेटा का इस्तेमाल नहीं कर सकतीं।

-डेटा कलेक्शन और इस्तेमाल की पूरी जानकारी देनी होगी।

-डेटा लीक या लापरवाही पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।

अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है। अगर अदालत सख्त रुख अपनाती है तो भारत में व्हाट्सऐप के भविष्य पर बड़ा असर पड़ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

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देश

Air India Flight Cancel: खाड़ी देशों और यूरोप रूट पर 50+ उड़ानें प्रभावित

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मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बाद हवाई यातायात पर बड़ा असर पड़ा है। कई देशों ने एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। इसी बीच Air India ने 2 मार्च रात 11:59 बजे तक खाड़ी और इजरायल रूट की सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है।

मिडिल ईस्ट तनाव का असर, सुरक्षा सर्वोपरि

रिपोर्ट्स के मुताबिक हालिया मिसाइल हमलों और बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण पूरे मिडिल ईस्ट का हवाई क्षेत्र असुरक्षित माना जा रहा है। यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एयर इंडिया ने यह एहतियाती कदम उठाया है। एयरलाइन का कहना है कि स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और हालात सामान्य होने पर सेवाएं बहाल करने पर विचार किया जाएगा।

किन देशों और शहरों की उड़ानें प्रभावित?

एयर इंडिया के अनुसार जिन प्रमुख गंतव्यों पर उड़ानें निलंबित की गई हैं, उनमें शामिल हैं:

-संयुक्त अरब अमीरात: दुबई, अबू धाबी

-सऊदी अरब: रियाद, जेद्दा, दम्माम

-कतर: Doha

-इजरायल: Tel Aviv

खाड़ी देशों के अलावा यूरोप जाने वाली कुछ उड़ानों पर भी इसका असर पड़ा है। वैकल्पिक मार्गों से कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित की जा रही हैं, लेकिन इससे यात्रा समय में 2 से 4 घंटे तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

यूरोप रूट पर भी रद्द हुई उड़ानें

2 मार्च को यूरोप के कई शहरों के लिए 6 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें शामिल हैं:

-अमृतसर–बर्मिंघम (AI 117)

-बर्मिंघम–दिल्ली (AI 114)

-दिल्ली–ज्यूरिख (AI 151 और AI 152)

-दिल्ली–कोपेनहेगन (AI 157 और AI 158)

इससे पहले रविवार को एयरलाइन 50 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर चुकी है।

यात्रियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

एयर इंडिया ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें।

-एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट देखें

-24×7 कस्टमर केयर से संपर्क करें

-रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज चेक करें

प्रभावित यात्रियों को री-बुकिंग, वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था और जहां संभव हो रिफंड की सुविधा दी जा रही है। यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं या टिकट रद्द कर पूरा पैसा वापस ले सकते हैं। एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और जरूरी अपडेट समय-समय पर जारी किए जाते रहेंगे।

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एंटरटेनमेंट

50,000 फैंस के साथ दिल्ली में होगा Karan Aujla का लाइव कॉन्सर्ट, ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

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होली से पहले दिल्ली में पंजाबी पॉप सुपरस्टार करण औजला का बड़ा लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट होने जा रहा है। यह कॉन्सर्ट 28 फरवरी को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (JLN Stadium) में आयोजित होगा, जिसमें हजारों फैंस के पहुंचने की उम्मीद है। इस वजह से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्टेडियम के आसपास विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। ट्रैफिक प्लान शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगा।

करण औजला का लाइव कॉन्सर्ट

कॉन्सर्ट “P-POP CULTURE INDIA TOUR 2026” का हिस्सा है और इसमें करीब 50,000 फैंस के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। बड़े इवेंट को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्टेडियम के आसपास ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था से बचने के लिए संपूर्ण ट्रैफिक प्लान बनाया है।

ट्रैफिक रूट और रोड क्लोजर

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि विशेष रूप से BP मार्ग (बिश्मा पितामह मार्ग), लोधी रोड और JLN स्टेडियम के आसपास की सड़कों पर शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी।

इसके अलावा, इन स्थानों पर रूट डायवर्ट लागू रहेगा:

-JLN रेड लाइट

-सेवा नगर बस डिपो रेड लाइट

-5th एवेन्यू रोड (डबल स्टोरी मार्केट/धोबी घाट)

-प्रगति विहार रेड लाइट

-लाला लाजपत राय मार्ग टी-पॉइंट

-JLN गेट नंबर 5 के पास बारापुल्लाह कट

-जंगपुरा मेट्रो स्टेशन/सूचना भवन टी-पॉइंट

फैंस और आम नागरिकों के लिए सलाह

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से कहा है कि 28 फरवरी की शाम BP मार्ग, लोधी रोड और स्टेडियम के आसपास की सड़कों पर जाने से बचें। एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें। कॉन्सर्ट में शामिल होने वाले फैंस को मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।JLN स्टेडियम मेट्रो स्टेशन (वायलेट लाइन) सबसे सुविधाजनक विकल्प है।

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देश

Q3 में 7.8% की रफ्तार से दौड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था, नए बेस ईयर से जारी हुए आंकड़े

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भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है। सरकार द्वारा जारी ताजा जीडीपी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) में देश की ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत रही है। यह पिछले साल की समान अवधि के 7.4 प्रतिशत से अधिक है, हालांकि सितंबर तिमाही के 8.4 प्रतिशत के मुकाबले थोड़ी कम दर्ज की गई है।

वित्त वर्ष 2026 के लिए जीडीपी अनुमान पहले ही संशोधित किए जा चुके हैं। पहले 7.1 प्रतिशत का अनुमान था, जिसे बढ़ाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया गया है।

GDP आंकड़ों की प्रमुख बातें

इस बार जीडीपी के आंकड़े नई सीरीज के तहत जारी किए गए हैं। बेस ईयर को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है। जनवरी 2026 तक के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक देश का राजकोषीय घाटा 9.81 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में कुल सरकारी खर्च 36.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

क्या होता है बेस ईयर?

राष्ट्रीय आय के वार्षिक और तिमाही अनुमान अब न्यू नेशनल इनकम सीरीज के तहत जारी किए जा रहे हैं। पहले 2011-12 को आधार वर्ष माना जाता था, लेकिन अब 2022-23 को नया बेस ईयर बनाया गया है। आधार वर्ष वह समय अवधि होती है, जिसके मूल्य और उत्पादन स्तर को मानक मानकर आगे की वृद्धि दर की तुलना की जाती है।

तिमाही आंकड़ों में संशोधन

जुलाई-सितंबर 2025-26 तिमाही की ग्रोथ रेट को संशोधित कर 8.4 प्रतिशत कर दिया गया है, जो पहले 8.2 प्रतिशत आंकी गई थी। वहीं अप्रैल-जून तिमाही की ग्रोथ रेट को 7.8 प्रतिशत से घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया गया है।

आधार वर्ष में बदलाव से आर्थिक गतिविधियों के आकलन का दायरा व्यापक होता है। इससे नई आर्थिक संरचना के अनुरूप आंकड़ों को अपडेट किया जाता है और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को ज्यादा सटीक तरीके से समझा जा सकता है।

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