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बंगाल समाचार: वोट बैंक ठोस, महिलाओं का अस्तित्व खतरे में! हुगली में महिला पत्रकार को हिजाब पहनने और बाल कसने की सलाह पर विवाद; बीजेपी का तेज विरोध

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बंगाल समाचार: चुनाव के नजदीक पहुंचते ही बंगाल से विभिन्न प्रकार की खबरें आती हैं। कभी हुमायूं कबीर खबरों में होते हैं, तो कभी सुवेंदु अधिकारी, अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा का नाम चर्चा का विषय बन जाता है। कभी-कभी बीजेपी के एक्स हैंडल से जारी पोस्ट भी सुर्खियों में आ जाते हैं, जिनका मुख्य टारगेट अक्सर सीएम ममता बनर्जी होती हैं। इसी बीच एक नई पोस्ट की चर्चा है जिसमें एक महिला पत्रकार को पर्दा करने और बाल बांधने की सलाह दी जा रही है। यह वीडियो हुगली से संबंधित बताया जा रहा है। बीजेपी बंगाल के एक्स हैंडल से इसे पोस्ट कर सरकार की भूमिका पर प्रश्न चिन्ह लगा रही है। बीजेपी तुष्टिकरण का हवाला देते हुए टीएमसी सरकार को निशाना बना रही है।

हुगली में महिला पत्रकार को पर्दा करने, बाल बांधने की सलाह पर विवाद!

बीजेपी बंगाल के आधिकारिक एक्स हैंडल से एक वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें एक महिला पत्रकार को बाल बांधने और पर्दा करने की सलाह दी जा रही है।

बंगाल में विपक्ष की भूमिका निभा रही बीजेपी ने इस पूरे मामले में ममता सरकार को निशाने पर लिया है। विपक्ष का कहना है कि “महिला को बाल बांधने और पर्दा करने के लिए कहा जा रहा है। इसका साफ मतलब है कि अगर वह इससे इनकार करती है तो उसे हराम करार दिया जाएगा। यह दृश्य भयावह तरीके से परिचित लगता है। यह घटना हुगली में हुई, जहां एक महिला पत्रकार का कट्टरपंथियों से सामना हुआ, जबकि सरकार चुप रही। आजादी धीरे-धीरे खत्म होती है, एक-एक आदेश और एक-एक चुप्पी के साथ।”

तुष्टिकरण का जिक्र करते हुए बीजेपी ने कहा कि “आज एक पत्रकार को बताया जा रहा है कि उसे कैसे कपड़े पहनने हैं। कल किसी बेटी को बताया जा सकता है कि उसे कैसे जीना है। यह तुष्टीकरण की राजनीति का नतीजा है, जहां वोट बैंक की सुरक्षा की जाती है और महिलाएं असुरक्षित रह जाती हैं। जो समाज अपनी बेटियों के पंख चुपचाप काटने देता है, वह अपने भविष्य को गिरवी रख देता है।” बीजेपी नेता अमित मालवीय और अन्य स्थानीय कार्यकर्ताओं ने इस पोस्ट को साझा करते हुए ममता सरकार की आलोचना की है।

बीजेपी के निशाने पर ममता सरकार!

बंगाल की राजनीतिक मैदान में सक्रिय बीजेपी ममता सरकार पर जमकर हमले कर रही है। बीजेपी राज्य के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं के साथ हो रहे घटनाक्रम पर आवाज उठाते हुए राज्य सरकार को टारगेट बनाती है। इसके अलावा यदि बंगाल के विभिन्न हिस्सों में कहीं हंगामा खड़ा होता है और कानून व्यवस्था में कोई समस्या आती है, तब भी बीजेपी ममता बनर्जी पर हमलावार होती है। केंद्र और बंगाल की विपक्षी पार्टी चुनाव 2026 के लिए पूरी तैयारी कर रही हैं और उसका उद्देश्य विजय प्राप्त करना है। अब देखना यह होगा कि टीएमसी अपने प्रतिद्वंद्वी का सामना कैसे करती है।

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पॉलिटिक्स

‘संसद से नरेंद्र, देश से सिलेंडर गायब…’, LPG संकट पर राहुल गांधी का PM Modi पर निशाना

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ईरान-इजरायल युद्ध के चलते देश में गहराते LPG संकट को लेकर गुरुवार को संसद भवन के बाहर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक सहित कई विपक्षी दलों के सांसद संसद के मकर द्वार के पास इकट्ठा हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।

संसद के बाहर ‘मोदी जी एलपीजी’ के नारे

विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के बाहर ‘मोदी जी एलपीजी’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कई सांसदों के हाथों में गैस सिलेंडर की आकृति वाली तख्तियां भी नजर आईं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच देश में गैस संकट से निपटने में विफल रही है।

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, “संसद से नरेंद्र गायब, देश से सिलेंडर गायब।”

मीडिया से बातचीत में क्या बोले राहुल गांधी?

संसद के बाहर मौजूद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से घबराने की जरूरत न होने की बात कह रहे हैं, लेकिन खुद अलग कारणों से चिंतित नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी अदाणी मामले और एप्सटीन फाइल को लेकर दबाव में हैं और इसी वजह से सदन के भीतर आने से बच रहे हैं।

LPG संकट पर पीएम मोदी की अपील

उधर, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण देश में LPG की किल्लत की खबरों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोगों से घबराने की जरूरत न होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार जनहित की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लोगों से केवल सही और सत्यापित जानकारी साझा करने का आग्रह किया था।

युद्ध के असर से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी को लेकर देश में LPG सप्लाई और कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

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देश

R N Ravi बने पश्चिम बंगाल के 22वें राज्यपाल, कोलकाता में ली पद और गोपनीयता की शपथ

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पश्चिम बंगाल को नया राज्यपाल मिल गया है। गुरुवार को आरएन रवि ने कोलकाता स्थित लोकभवन में राज्य के 22वें राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। उन्हें राज्य के मुख्य न्यायाधीश संजय पॉल ने शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी समारोह में मौजूद रहे।

लोकभवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह

लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुआ। समारोह की शुरुआत और समापन वंदे मातरम् और राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ। शपथ लेने के बाद नए राज्यपाल आरएन रवि ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य अतिथियों से मुलाकात कर औपचारिक बातचीत भी की।

कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी रहे मौजूद

इस समारोह में राज्य के कई प्रमुख पदाधिकारी और राजनीतिक नेता शामिल हुए। इनमें मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, विधानसभा अध्यक्ष बिमल बनर्जी और वाम मोर्चा अध्यक्ष बिमान बोस सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सीवी आनंद बोस के इस्तीफे के बाद नियुक्ति

पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने आरएन रवि को राज्य का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। इससे पहले वह तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में कार्य कर रहे थे।

तमिलनाडु में विवादों में रहा कार्यकाल

तमिलनाडु में अपने कार्यकाल के दौरान आरएन रवि का राज्य सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार के साथ कई मुद्दों पर टकराव भी चर्चा में रहा। कई विधेयकों को लेकर राज्यपाल और सरकार के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। यहां तक कि तमिलनाडु सरकार ने राष्ट्रपति से राज्यपाल को हटाने की मांग भी की थी।

ममता बनर्जी ने उठाए थे सवाल

पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सवाल उठाए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि इस्तीफे की खबर से वह हैरान और चिंतित हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई थी कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले किसी राजनीतिक दबाव के कारण यह फैसला लिया गया है, तो यह चिंताजनक हो सकता है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

आरएन रवि के राज्यपाल पद संभालने के बाद अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले समय में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच संबंध किस दिशा में जाएंगे, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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देश

‘केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है…’, मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए Arvind Kejriwal; क्लीन चिट मिलते ही दिया वायरल बयान

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आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को कथित शराब नीति मामले में बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों से बरी कर दिया है। फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल भावुक हो गए।

भावुक हुए केजरीवाल

उन्होंने कहा, “हमने पहले ही कहा था कि सच्चाई की जीत होगी। आज सच की जीत हुई है। मुझे भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा था कि न्याय जरूर मिलेगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया गया और झूठे आरोपों के जरिए बड़े नेताओं को जेल भेजा गया।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी, CBI के सबूतों पर सवाल

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसी आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। चार्जशीट में भी कई खामियां पाई गईं और किसी गवाह या दस्तावेज से आरोप पुष्ट नहीं हुए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस प्रमाण के केवल आरोपों के आधार पर किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है, लेकिन इस मामले में अभियोजन पक्ष अपना केस साबित करने में विफल रहा।

‘कोई आपराधिक साजिश साबित नहीं’

अदालत ने यह भी कहा कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में आपराधिक साजिश का कोई ठोस आधार नहीं मिला। न तो केजरीवाल और न ही सिसोदिया के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत पेश किए जा सके। इन्हीं कारणों से कोर्ट ने दोनों नेताओं को बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय और सच्चाई की जीत बताया।

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