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बिहार चुनाव परिणाम 2025: महाराष्ट्र की तरह बिहार में बीजेपी ने बनाया नया कीर्तिमान! क्या नीतीश कुमार के साथ कोई नया मोड़ आ सकता है? समीकरण को जानें।

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बिहार चुनाव परिणाम 2025: अनेक राजनीतिक हलचलों के बीच बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। 243 में से 202 सीटों पर जीत हासिल करके एनडीए ने बिहार में एक नई कहानी लिखी है। इससे पहले बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने महाराष्ट्र में 288 में से 234 सीटें जीतकर सफलता का झंडा लहराया था। महाराष्ट्र के बाद बिहार में मिली यह विजय अभूतपूर्व है, जिस पर एनडीए के सभी दल खुशी से झूम उठे हैं। लेकिन, ये चुनाव परिणाम जहां एक ओर एनडीए के भीतर बीजेपी की स्थिति को मजबूत करेंगे, वहीं दूसरी ओर उनके सहयोगी दलों के लिए चिंता का विषय भी बन सकते हैं।

असल में, महाराष्ट्र में जब महायुति (बीजेपी, शिवसेना शिंदे समूह, एनसीपी अजीत पवार) ने मिलकर चुनाव लड़ा, उस समय एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे। चुनाव के बाद जब परिणाम सामने आए, तब एकनाथ शिंदे को शानदार बहुमत मिलने के बाद फिर से सीएम बनाया गया। यही कारण है कि नीतीश कुमार के साथ कोई खेल होने की आशंका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, महाराष्ट्र और बिहार के राजनीतिक समीकरण भिन्न हैं। आइए, हम विस्तार से इन सवालों का उत्तर देने के साथ समीकरण को समझने का प्रयास करते हैं।

महाराष्ट्र के बाद बिहार में बीजेपी ने रचा नया इतिहास! – बिहार चुनाव परिणाम 2025

सभी को चौंका देने वाले तरीके से एनडीए ने बिहार में नया इतिहास रचा है। एग्जिट पोल में आगे दिख रही एनडीए को कुल 202 सीटें मिल गई हैं। 243 विधानसभा सीटों में से एनडीए के उम्मीदवार 202 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रहे। इसमें बीजेपी को 89 सीटें, जेडीयू को 85 सीटें, लोजपा (आरवी) को 19 सीटें, हम को 5 सीटें और आरएलएम को 4 सीटों पर जीत मिली है।

यह बहुमत का आंकड़ा महाराष्ट्र में मिली अद्वितीय जीत की याद दिलाता है। नवंबर 2024 में हुए महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति को 288 में से 234 सीटों पर विजय प्राप्त हुई थी। बिहार के समान महाराष्ट्र में भी विपक्ष ने बुरी तरह हार का सामना किया। बिहार के चुनाव में एनडीए की इस शानदार जीत की चर्चा जोरों पर है।

क्या नीतीश कुमार के साथ हो सकता है चौंकाने वाला बदलाव?

इस सवाल का ठोस उत्तर अभी भविष्य के गर्भ में छिपा है। वास्तव में, कुछ पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए यह सवाल उठाए जा रहे हैं। अगर हम महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 की बात करें, तो उस समय एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे। चुनाव संपन्न हुआ और महायुति ने 234 सीटें जीतकर भारी बहुमत प्राप्त किया। उसके बाद एकनाथ शिंदे की बजाय डिप्टी सीएम रहे देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया गया था। इसके अलावा, असम चुनाव 2021 में भी सर्वानंद सोनेवाल मुख्य चेहरे थे, लेकिन परिणामों के बाद हिमंता बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री बनाया गया।

हालांकि, बिहार की स्थिति असम और महाराष्ट्र से काफी भिन्न है। बिहार में लगभग दो दशकों से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद पर हैं। चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह ने एक बार कहा था कि सीएम का चुनाव विधायक दल करेगा, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था। अंततः अमित शाह, विजय सिन्हा, सम्राट चौधरी समेत केंद्र के कई अन्य नेताओं ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़े जाने का उल्लेख किया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि यदि एनडीए बिहार चुनाव में बहुमत हासिल करता है, तो नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे।

ऐसे में यह कहना कि महाराष्ट्र की तरह नीतीश कुमार के साथ कोई खेल हो सकता है, यह थोड़ी जल्दी होगी। 202 सीट जीतकर एनडीए सारे राजनीतिक समीकरण साधने में लगा है और जल्द ही विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। उसी दौरान विधायक दल के नेता का चुनाव होगा और सीएम पद के दावेदार पर निर्णय लिया जाएगा। तब तक इंतजार कर बिहार के राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं का आनंद लिया जा सकता है।

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