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बार-बार पेशाब आने से बचने के लिए इन 3 खाद्य पदार्थों का सेवन न करें, वरना ठंडी रातों में होगी दिक्कत

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बार-बार पेशाब आना: सर्दियों में रात के वक्त अक्सर पेशाब की ताज़गी नींद को बुरी तरह प्रभावित कर देती है। इससे व्यक्ति में सुस्ती और कभी-कभी गुस्सा भी आ सकता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है? रात के समय इतनी बार पेशाब क्यों आता है। अगर नहीं, तो इस लेख में इस पर चर्चा करेंगे। बार-बार पेशाब केवल अधिक तरल पदार्थों के सेवन से नहीं आता; बल्कि तीन प्रकार की खाद्य वस्तुएं भी इसके लिए जिम्मेदार होती हैं। यदि आप भी इनका सेवन कर रहे हैं, तो इन्हें अपनी डाइट से हटा दें।

खट्टे फलों से होती है पेशाब की समस्या

कम ही लोग जानते हैं कि खट्टे फलों का सेवन बार-बार पेशाब आने का कारण बनता है। इनमें मौजूद साइट्रिक एसिड मूत्राशय में जलन पैदा करता है, जिससे पेशाब करने की इच्छा होती है। इसलिए रात के समय संतरे, मौसमी, टमाटर, नींबू, चकोतरा और अंगूर जैसे फलों का सेवन करने से बचें।

चावल का सेवन भी बढ़ा सकता है पेशाब

अगर आप रात के समय चावल खाते हैं, तो तुरंत इसे अपनी डाइट से हटा दें। चावल में आर्सेनिक होता है, जो इसे मूत्रवर्धक बना देता है। इससे बार-बार पेशाब का मुकाबला करना पड़ सकता है, जिससे सोते समय कई लोगों को टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होती है।

अगर चैन से सोना है, तो दही से करें अलविदा

हालांकि सर्दियों में दही का सेवन कम होता है, लेकिन जो लोग इसे खाते हैं, उन्हें अक्सर बार-बार पेशाब की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। दही में लैक्टोज होता है, जो पेशाब के लिए आग्रह को बढ़ा सकता है। लैक्टिक एसिड मूत्राशय में जलन पैदा करके बार-बार पेशाब आने की समस्या को उत्पन्न करता है।

अधिक पेशाब आना देती हैं इन बीमारियों का संकेत

दिन या रात, बार-बार पेशाब आना चिन्ताजनक है। इसके पीछे कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। अधिक पेशाब आने वाले व्यक्ति को डायबिटीज, यूरिन संक्रमण, प्रोस्टेट, गर्भावस्था, उच्च रक्तचाप या दिल से संबंधित बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इस मामले को हल्के में न लें और डॉक्टर से संपर्क करें।

अस्वीकृति: यह लेख और इसमें दिए गए स्वास्थ्य संबंधी सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। यह किसी प्रकार से पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए उपायों को केवल सुझाव के रूप में लिया जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से परामर्श लें।

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