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लिप्स्टिक बॉय: बिहार की गुमनाम सच्चाई बड़े सिनेमाई परिदृश्य पर, लिप्स्टिक बॉय की कथा सबको झकझोर कर रख देगी।
लिपस्टिक बॉय: भारतीय फिल्म उद्योग में कई बार ऐसी फिल्में आती हैं जो समाज के छिपे हुए पहलुओं को सामने लाती हैं। इसी प्रकार की एक फिल्म है “लिपस्टिक बॉय”, जो बिहार की पारंपरिक लौंडा नृत्य कला और इसके कलाकारों के जीवन की सच्चाइयों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करती है। इस फिल्म का निर्देशन अभिनव ठाकुर ने किया है और यह एक असल जीवन की प्रेरणादायक कहानी पर आधारित है।
फिल्म की कहानी
यह फिल्म बिहार के नालंदा जिले के कलाकार कुमार उदय सिंह की जीवन यात्रा से प्रेरित है। पारंपरिक सोच एवं सामाजिक चुनौतियों के बीच पले-बढ़े उदय ने अपनी कला के लिए संघर्ष किया। उन्होंने लौंडा नृत्य को अपनाया, जिसमें पुरुष कलाकार महिलाओं की तरह प्रदर्शन करते हैं। उन्हें मंच पर प्रशंसा मिलती है, लेकिन असल जिंदगी में उन्हें समाज के पूर्वाग्रह और अपमान का सामना करना पड़ता है।
कलाकारों के संघर्ष की कहानी
“लिपस्टिक बॉय” सिर्फ एक नृत्य की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस कलाकार की आत्म-खोज और संघर्ष की कहाणी भी है। फिल्म यह दिखाती है कि कैसे एक कलाकार अपनी पहचान और स्वाभिमान के लिए लड़ा करता है। मंच की चमक और असली जीवन की कठिनाइयों का संतुलन इस फिल्म की प्रमुख विशेषता है।
अमिताभ बच्चन का विशेष संबंध
फिल्म की एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि अमिताभ बच्चन ने फिल्म के साथ संबंध दर्शाया है और इसे अपनी आवाज से समर्थन दिया है। यह फिल्म बिहार की लोक संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का प्रयास करती है और दर्शकों को लौंडा नृत्य के अनकहे पहलुओं से अवगत कराती है।