AI की दुनिया बड़ी ही एडवांस हो चुकी है। AI स्पेशलिस्ट्स ने एक ऐसा चश्मा बना दिया है जो आपके हर सवाल का जवाब तुरंत दे देगा। ये पास में होटल, घूमने की जगह और रेस्टोरेंट्स ढूंढने से लेकर आपकी बातें सुनने और तस्वीर खींचने तक का काम कर सकता है। ये कोई फैंटेसी की दुनिया नहीं, बल्कि असल जिंदगी है। इन्हें कहते हैं AI Smart Glasses और टेक इंडस्ट्री की अगली बड़ी लड़ाई इसी चश्मे पर लड़ी जा रही है।
कहां से हुई शुरुआत?
साल 2013 में गूगल ने ऐसे ही कुछ आईडिया से मिलता-जुलता "Google Glass" के नाम से डिवाइस लॉन्च किया था। लेकिन उस वक्त लोगों को ये आईडिया अटपटा लगा था। इस बात पर यकीन करना मुश्किल था कि आंखों के सामने स्क्रीन भी हो सकती है। लोगों को ये चश्में पब्लिक में पहनकर घूमना अजीब-सा लगता था और ये प्रोजेक्ट तब फ्लॉप हो गया था। हालांकि, बात वहीं खत्म नहीं हुई और एक दशक बाद AI की एंट्री के साथ यही आइडिया वापस लौटा है। वही चश्में जैसे डिजाइन और अंदर की टेक्नोलॉजी पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर।
क्या काम करते हैं ये चश्में?
बाहर से देखने में ये बिल्कुल आम चश्मे लगते हैं, लेकिन इनके फ्रेम के अंदर छिपा होता है एक छोटा कैमरा, माइक्रोफोन, स्पीकर, ब्लूटूथ और एक AI चिप। ये आपकी मदद इन सब कामों में करते हैं-
- हाथ लगाए बिना फोटो और वीडियो शूट करना
- कॉल उठाना
- म्यूजिक सुनना
- वॉइस कमांड के जरिए AI असिस्टेंट से कुछ भी पूछना
- सामने दिख रही चीज को पहचानना, ट्रांसलेट करना या उसके बारे में जानकारी लेना
हर मॉडल में अलग-अलग फीचर्स हो सकते हैं। कुछ महंगे मॉडल्स में शीशे के अंदर ही एक छोटा डिस्प्ले भी नजर आता है, जो सिर्फ पहनने वाले को दिखता है। नोटिफिकेशन, नेविगेशन या AI के जवाब सीधे आंखों के सामने दिख जाते हैं।
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए क्यों है खास?
अगर आप कंटेंट क्रिएटर हैं तो ये आपके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि फिर आपको न हाथ में पूरा टाइम कैमरा लेकर घूमने की जरूरत है न साथ में लाइट और स्टैंड लेकर जाने की टेंशन। आप बस अपनी नजर से POV एंगल में शूट कर सकते हैं। ट्रैवल व्लॉगर हों, फूड क्रिएटर हों या डेली व्लॉगिंग करते हों, यह चश्मा आपको हैंड्स फ्री एक्सपीरियंस देता है और नैचुरल, बिना रुकावट वाला क्वालिटी फुटेज भी देता है। कुछ मॉडल्स की मदद से तो सीधे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लाइव भी किया जा सकता है, वो भी बिना फोन निकाले।
कौन-कौन हैं राइवल्स?
इस मार्किट में ये सिर्क एक इकलौती कंपनी नहीं है, बल्कि इसके कम्पटीशन में कई कंपनियां हैं। इस रेस में Meta सबसे आगे है, जिसने Ray-Ban के साथ मिलकर चश्मे निकाले हैं। इसके अलावा चीन की कंपनियां Rokid, Xiaomi, XREAL तेजी से आगे बढ़ रही हैं और कम कीमत में दमदार फीचर्स दे रही हैं। इनके अलावा Samsung, Google, Apple, Amazon और कई बड़े नाम भी इस मार्केट में उतरने की तैयारी में हैं। यानी आने वाले एक-दो साल में यह टक्कर और गंभीर होने वाली है।
क्या आपकी प्राइवेसी से हो रहा है खिलवाड़?
यह मामला इतना भी साधारण नहीं है। यह चश्मा जितना स्मार्ट होता है, उतना ही ज्यादा डेटा इकट्ठा करता है, जैसे आपकी आवाज, आपकी पसंद, आप कहां जाते हो, किससे मिलते हो जैसी पर्सनल जानकारी भी। सबसे बड़ी बात इसका कैमरा और माइक हमेशा एक्टिव रहता है, यानी आस-पास मौजूद लोग भी बिना जाने रिकॉर्ड हो जाते हैं। तो जब तक यह बात साफ नहीं हो जाती कि डेटा कहां जमा हो रहा है, कितने दिन तक स्टोर्ड रहता है और कौन उसे एक्सेस कर सकता है, तब तक सुविधा जितनी बढ़ेगी भरोसे का सवाल भी उतना ही बड़ा होता जाएगा।