गाजियाबाद के हिंदी भवन में आयोजित ‘भारतम्’ नाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित विष्णुकांत चतुर्वेदी तथा आईटीबीपी के डीआईजी अवनीन्द्र कुमार ने किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय कला और संस्कृति के महत्व को लेकर अपने विचार भी रखे। 

भारतीय कला और संस्कृति को समर्पित था कार्यक्रम

कार्यक्रम में देश के जाने-माने कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, युवा पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रिंदाना रहस्या और डॉ. अविनाश कुमार ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। वहीं, ध्रुव बेदी ने सितार वादन के जरिए भारतीय शास्त्रीय संगीत की खूबसूरती को पेश किया। इसके अलावा राकेश साईं बाबू के निर्देशन में भारत की अलग-अलग नृत्य शैलियों की शानदार प्रस्तुतियां भी हुईं। नृत्य प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। पूरे कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की अलग-अलग झलक देखने को मिलीं।

नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का संदेश

‘भारतम्’ कार्यक्रम के जरिए भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत को बचाने और उसे आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। आयोजकों का कहना है कि आज के समय में नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना बहुत जरूरी है। एमपी फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कला और संस्कृति प्रेमियों के साथ बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और गाजियाबाद के शहरवासी शामिल हुए। सभी ने कार्यक्रम का जमकर आनंद लिया और देश की अलग-अलग कला परंपराओं को करीब से जाना। एमपी फाउंडेशन की अध्यक्ष नूपुर श्रीवास्तव ने कहा कि संस्था आगे भी देश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगी। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों के जरिए भारतीय कला को नई पहचान देने और कलाकारों को बेहतर मंच देने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।