प्याज भारतीय रसोई का एक इम्पोर्टेन्ट हिस्सा है। सब्जी हो, दाल हो या सलाद, प्याज का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। ऐसे में जब इसके दाम अचानक बढ़ जाते हैं, तो सीधा असर आम आदमी की पॉकेट पर पड़ता है। जो प्याज कुछ समय पहले 20-30 रुपये किलो मिल रहा था, वही 60-70 रुपये किलो तक पहुंच जाए तो महीने का हिसाब बिगड़ना तो कन्फर्म है।

प्याज के दाम क्यों बढ़ते हैं?

प्याज के दाम बढ़ने के पीछे कई वजह हो सकती हैं। सबसे बड़ी वजह इसकी ग्रोथ और सप्लाई में कमी होती है। अगर बारिश ज्यादा हो जाए, फसल खराब हो जाए या मंडियों में प्याज कम आए, तो दाम बढ़ने लगते हैं। इसके अलावा स्टोरेज में रखा प्याज खराब होने और उसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का खर्च बढ़ने का असर भी कीमत पर पड़ता है। कई बार किसान अच्छे दाम मिलने की उम्मीद में प्याज को कुछ समय के लिए रोककर रखते हैं। इससे बाजार में प्याज की कमी हो सकती है और फिर कीमत बढ़ जाती है।

सरकार की भी बढ़ जाती है चिंता

प्याज के दाम बढ़ना सिर्फ घर के बजट की परेशानी नहीं है। इससे सरकार की भी टेंशन बढ़ जाती है। प्याज ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल देश के लगभग हर हिस्से में होता है। इसलिए इसके दाम बढ़ते ही लोगों की नाराजगी भी सामने आने लगती है। इतिहास में कई बार प्याज की बढ़ी कीमतों ने सरकार के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी की है। चुनाव के समय तो प्याज की कीमत बड़ा मुद्दा बन जाती है। यही वजह है कि सरकार दाम को कंट्रोल में रखने के लिए अलग-अलग कदम उठाती है।

कीमत कम करने के लिए क्या करती है सरकार?

जब प्याज के दाम तेजी से बढ़ते हैं तो सरकार अपने Buffer Stock से प्याज बाजार में लाती है। इसका सीधा मकसद बाजार में प्याज की सप्लाई बढ़ाना और कीमत को कम करना होता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर प्याज के एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट को लेकर भी फैसले लिए जाते हैं। इससे बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश की जाती है।

आम आदमी पर सीधा असर

प्याज महंगा होने पर सिर्फ प्याज खरीदने का खर्च नहीं बढ़ता। इसका असर खाने-पीने की दूसरी चीजों पर भी पड़ सकता है। घरों के साथ होटल, ढाबे और छोटे खाने के कारोबार पर भी प्याज महंगा होने का असर पड़ता है। ऐसे में प्याज की कीमत पर आम लोगों के साथ सरकार की भी नजर रहती है। अब लोगों को उम्मीद यही रहती है कि बाजार में प्याज की सप्लाई बढ़े और दाम जल्द नीचे आएं क्योंकि प्याज चाहे छोटी चीज लगे, लेकिन इसकी कीमत बढ़ते ही घर का पूरा बजट हिल जाता है।