IIT दिल्ली में 31 वर्षीय MSc फिजिक्स के स्टूडेंट ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद शुरू हुआ छात्रों का प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी है। छात्र मामले की स्वतंत्र और न्यूट्रल जांच, प्रशासन की जवाबदेही और कैंपस में छात्रों की शिकायतों के सॉल्यूशन के लिए अच्छी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। मंगलवार देर रात तक भी कैंपस में विरोध प्रदर्शन जारी रहा और सरकार को छात्रों के साथ बातचीत करनी पड़ी।

कब हुई छात्र की मौत?

पटना के रहने वाले 31 वर्षीय ऋषिकेश कुमार IIT दिल्ली में MSc फिजिक्स के सेकंड ईयर में पढ़ रहे थे। 22 अगस्त को लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से गिरने के बाद उन्हें कैंपस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की जांच जारी है।

छात्रों की क्या है मांग?

घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र IIT दिल्ली के डायरेक्टर के ऑफिस के बाहर पहुंचे। छात्रों की मांग है कि मामले की स्वतंत्र जांच हो, डीन और एसोसिएट डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) इस्तीफा दें और ऋषिकेश के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाए। छात्रों का कहना है कि कैंपस लौटने के बाद ऋषिकेश को हॉस्टल और रिसर्च प्रोजेक्ट से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

IIT दिल्ली ने क्या कदम उठाया?

लगातार प्रदर्शन के बाद IIT दिल्ली ने पांच सदस्यीय बाहरी जांच कमेटी बनाई है। इसमें पूर्व DGP अशोक कुमार, AIIMS के मनोरोग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर प्रताप शर्मा और दो छात्र प्रतिनिधि शामिल हैं। कमेटी को दो हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा गया है। संस्थान ने छात्रों की शिकायतों के लिए बाहरी लोकपाल की व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए नया मेंटर सिस्टम शुरू करने की बात भी कही है।

कब तक चलेगा प्रदर्शन?

छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर फैसला नहीं होता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। उनकी प्रमुख मांगों में डीन और एसोसिएट डीन का इस्तीफा शामिल है। विरोध के चलते सोमवार से कैंपस में कक्षाएं भी रोक दी गई हैं।

क्या है लेटेस्ट अपडेट?

IIT दिल्ली की जांच कमेटी को लेकर नया अपडेट आया है। कमेटी के चेयरमैन और पूर्व उत्तराखंड DGP अशोक कुमार ने अपनी कुछ पहले से तय व्यस्तताओं का हवाला देते हुए कमेटी से खुद को अलग कर लिया है। अब IIT दिल्ली जल्द ही नया चेयरपर्सन नियुक्त करेगा। दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।