बिहार की शान वैभव सूर्यवंशी जो कि सिर्फ 15 साल के हैं उन्होंने अपने नाम बड़ा रिकॉर्ड कर लिया है। दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन से खेलते हुए उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में हाफ सेंचुरी लगाई है। वैभव इसी के साथ दिलीप ट्रॉफी के सबसे कम उम्र में हाफ सेंचुरी लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने इतिहास रच दिया, जिसके बाद चयनकर्ताओं की नजर में भी वैभव सूर्यवंशी आ गए हैं।
सिर्फ 8 रन से रह गए वैभव सूर्यवंशी
दलीप ट्रॉफी के दौरान ईस्ट जोन से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रचा। वो पहले ऐसे खिलाड़ी बने जिसने सिर्फ 15 की उम्र में हाफ सेंचुरी लगाई और इस खिताब को अपने नाम कर लिया। इसके बाद वैभव की नजर अपने शतक पर थी। वैभव अपनी बल्लेबाजी भी बहुत सूझबूझ से करते हुए शतक की तरफ आगे बढ़ रहे थे। हर्ष दुबे की गेंद पर वैभव ने लेग साइड के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन डीप मिडविकेट पर कैच दे बैठे और 92 रन दलीप ट्रॉफी में उनका उच्चतम स्कोर बन गया।
वैभव सूर्यवंशी ने दिखाया अपना नया रूप
वैभव सूर्यवंशी अपने ताबड़तोड़ अंदाज के लिए जाने जाते हैं। इसी अंदाज से उन्होंने आईपीएल जैसे बड़े लीग में भी नाम कमाया है, लेकिन दलीप ट्रॉफी में उन्होंने अपना नया अंदाज दिखाया है। वैभव दलीप ट्रॉफी में रेड बॉल क्रिकेट की जरूरतों को भी समझते हुए नजर आए। वैभव ने अच्छे गेंदबाजों को सम्मान भी दिया और डिफेंस करके भी दिखाया और जहां जरुरत पड़ी वहां ताबड़तोड़ अंदाज भी अपनाया, जिससे ये साबित होता है कि वैभव सिर्फ T20 के ही बल्लेबाज नहीं हैं, जरुरत पड़ने पर वो सूझबूझ वाली क्रिकेट भी खेलने का दम रखते हैं।
आरपी सिंह भी रह गए हैरान
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और चयनकर्ता आरपी सिंह 15 साल के बल्लेबाज की बल्लेबाजी देखकर हैरान रह गए। वैभव जब 92 रन पर आउट हो गए तब आरपी सिंह भी दुखी दिखाई दिए। उनके साथ अजय रात्रा और एसएस दास भी मुकाबला देख रहे थे। बीसीसीआई की नई यात्रा नीति के तहत दलीप ट्रॉफी के नॉकआउट चरण के प्रत्येक मुकाबले में दो चयनकर्ताओं की मौजूदगी का प्रावधान किया गया है। वैभव की पारी उनकी नजर में भी है।