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दिल्ली में आज पानी की किल्लत, दिल्ली जल बोर्ड ने जारी की एडवाइजरी

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राजधानी New Delhi के कई इलाकों में शनिवार, 7 मार्च को पानी की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। Delhi Jal Board (DJB) के अनुसार, अंडरग्राउंड जलाशयों और बूस्टर पंपिंग स्टेशनों की सालाना सफाई के चलते कुछ क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति आंशिक रूप से बंद या कम दबाव में मिल सकती है।

मेंटेनेंस के कारण प्रभावित होगी सप्लाई

दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, हर साल जलाशयों और पंपिंग स्टेशनों की सफाई और निरीक्षण का काम किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान जलाशयों से गाद हटाई जाती है और सिस्टम की जांच की जाती है। इसी वजह से कुछ समय के लिए पानी की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि यह काम जल आपूर्ति प्रणाली को साफ और बेहतर बनाने के लिए जरूरी बताया गया है।

इन इलाकों में हो सकती है पानी की कमी

मेंटेनेंस के कारण दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में पानी की कमी या कम दबाव की स्थिति बन सकती है। प्रभावित इलाकों में बदरपुर, मदनपुर खादर, अली गांव, जंगपुरा, लाजपत नगर, भोगल, जीके-2, मालवीय नगर, चिराग दिल्ली, ईस्ट ऑफ कैलाश, कैलाश कॉलोनी, माउंट कैलाश, जसोला विहार, बादरपुर गांव, यमुना विहार, दिलशाद गार्डन और रोहिणी सेक्टर 5, 8, 16 और 24 समेत आसपास के इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों के लोगों को पहले से पानी स्टोर करने की सलाह दी गई है ताकि रोजमर्रा के काम प्रभावित न हों।

जरूरत पड़ने पर मिलेंगी टैंकर सेवाएं

पानी की तत्काल जरूरत होने पर Delhi Jal Board ने टैंकर सेवा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। आपात स्थिति में लोग हेल्पलाइन नंबर 1916 पर कॉल कर पानी का टैंकर मंगा सकते हैं या अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

लंबे समय में मिलेगा फायदा

अधिकारियों के मुताबिक यह रखरखाव कार्य राजधानी की जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत और स्वच्छ बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। इससे भविष्य में लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाला और नियमित पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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क्या है ‘डिजिटल सहेली’? एक नंबर डायल करते ही महिलाओं की सुरक्षा में हाजिर होगी गुरुग्राम पुलिस

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महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने ‘डिजिटल सहेली’ नाम से एक नई पहल शुरू की है। यह एक विशेष रैपिड रिस्पॉन्स सेल है, जो डीपफेक, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो और सोशल मीडिया पर होने वाले साइबर अपराधों से महिलाओं को बचाने और उन्हें तुरंत मदद देने के लिए बनाया गया है। डिजिटल इंडिया के दौर में जहां लोगों को तकनीक से कई सुविधाएं मिल रही हैं, वहीं साइबर अपराध के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने इस पहल की शुरुआत की है। यह सेल 24×7 सक्रिय रहेगा, ताकि ऑनलाइन अपराध का शिकार हुई महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके।

एंटी-डीपफेक और सेक्सटॉर्शन के खिलाफ विशेष सेल

‘डिजिटल सहेली’ यूनिट को खास तौर पर एंटी-डीपफेक और सेक्सटॉर्शन रिस्पॉन्स सेल के रूप में तैयार किया गया है। यह सोशल मीडिया पर महिलाओं को निशाना बनाकर किए जा रहे साइबर अपराधों को रोकने और उनसे निपटने में मदद करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, कई मामलों में महिलाओं के फोटो या वीडियो से छेड़छाड़ कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाता है या फिर उनके आधार पर ब्लैकमेल किया जाता है। ऐसे मामलों में अब महिलाएं सीधे हेल्पलाइन पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकती हैं।

हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत मिलेगी मदद

इस पहल के तहत एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 9999981002 जारी किया गया है। इस नंबर पर कॉल कर महिलाएं अपने साथ हुई साइबर घटनाओं की शिकायत दर्ज करा सकती हैं और तुरंत सहायता प्राप्त कर सकती हैं। पुलिस का कहना है कि कई बार पीड़ित महिलाएं अपनी पहचान उजागर होने के डर से शिकायत नहीं करतीं। इस पहल के तहत शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जिससे महिलाएं बिना डर के अपनी समस्या सामने रख सकें।

काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी मिलेगी

कानूनी सहायता के साथ-साथ ‘डिजिटल सहेली’ पहल के जरिए पीड़ित महिलाओं को काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा महिलाएं विभाग के चैटबॉट नंबर +91 95999 64777 के जरिए भी इस पहल और पुलिस की अन्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित माहौल देना और साइबर अपराध के खिलाफ उन्हें मजबूत बनाना है।

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महंगाई की पड़ी मार: देशभर में गैस सिलेंडर के बढ़े दाम, जानें कितनी महंगी हुई LPG

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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के असर का सीधा प्रभाव अब भारत में भी दिखने लगा है। देशभर में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम लोगों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। नई दरें Indian Oil Corporation की वेबसाइट पर अपडेट कर दी गई हैं। मध्य पूर्व में युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसकी वजह से तेल की कीमतें बढ़ी हैं और ऑयल कंपनियों ने गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने का फैसला किया है।

घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा

नई दरों के अनुसार अब 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में अब घरेलू गैस सिलेंडर 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है। इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को घरेलू सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपये की बढ़ोतरी

वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 115 रुपये का इजाफा किया गया है। नई कीमत लागू होने के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का दाम 1768 रुपये से बढ़कर 1883 रुपये हो गया है। इससे पहले 1 मार्च 2026 को कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब 31 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि जुलाई 2025 से कमर्शियल सिलेंडर के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था, लेकिन इस बार कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

अलग-अलग शहरों में घरेलू सिलेंडर के नए दाम

कीमत बढ़ने के बाद देश के कई बड़े शहरों में घरेलू सिलेंडर के दाम इस प्रकार हो गए हैं:

कोलकाता: 879 रुपये से बढ़कर 939 रुपये

मुंबई: 852 रुपये से बढ़कर 912 रुपये

चेन्नई: 868 रुपये से बढ़कर 928 रुपये

भोपाल: 858 रुपये से बढ़कर 918 रुपये

जयपुर: 856 रुपये से बढ़कर 916 रुपये

पटना: 951 रुपये से बढ़कर 1011 रुपये

रायपुर: 824 रुपये से बढ़कर 884 रुपये

कमर्शियल सिलेंडर के शहरवार नए रेट

कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी कई शहरों में बढ़ गए हैं:

कोलकाता: 1875 रुपये से बढ़कर 1991 रुपये

मुंबई: 1720 रुपये से बढ़कर 1835 रुपये

चेन्नई: 1929 रुपये से बढ़कर 2043 रुपये

भोपाल: 1796 रुपये से बढ़कर 1910 रुपये

जयपुर: 1875 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये

पटना: 2035 रुपये से बढ़कर 2150 रुपये

रायपुर: 1995 रुपये से बढ़कर 2109 रुपये

मिडिल ईस्ट तनाव का असर

विशेषज्ञों के अनुसार मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका असर भारत में गैस सिलेंडर की कीमतों पर भी पड़ा है।

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पत्रकार हत्या मामले में Gurmeet Ram Rahim Singh को HC से बड़ी राहत, डेरा प्रमुख बरी; 3 आरोपियों की सजा बरकरार

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बहुचर्चित पत्रकार Ram Chander Chhatrapati हत्याकांड मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख Gurmeet Ram Rahim Singh को बड़ी राहत मिली है। Punjab and Haryana High Court ने शनिवार को अपना फैसला सुनाते हुए सीबीआई कोर्ट के निर्णय में बदलाव किया और डेरा प्रमुख को इस मामले में बरी कर दिया। हालांकि अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए अन्य तीन आरोपियों—कुलदीप, निर्मल और कृष्ण लाल—की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।

CBI कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा

इससे पहले Central Bureau of Investigation (CBI) की विशेष अदालत ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। स्पेशल CBI कोर्ट ने 11 जनवरी 2019 को उन्हें दोषी ठहराया था और 17 जनवरी 2019 को सजा सुनाई गई थी। इसके बाद डेरा प्रमुख और अन्य आरोपियों ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

हाई कोर्ट में अपील पर हुई सुनवाई

हाई कोर्ट ने आरोपियों की अपील पर सुनवाई करते हुए सभी सबूतों और दलीलों की विस्तार से जांच की। अदालत ने पाया कि डेरा प्रमुख के खिलाफ आरोप बिना किसी शक के साबित नहीं हो पाए, इसलिए उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। हालांकि अदालत ने माना कि बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, इसलिए उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा गया।

पत्रकार की हत्या से जुड़ा है मामला

यह मामला पत्रकार Ram Chander Chhatrapati की हत्या से जुड़ा है, जिसने उस समय देशभर में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदा से जुड़े गंभीर आरोपों को प्रकाशित किया था। इसके बाद 2002 में उन्हें गोली मार दी गई, जिससे पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। बाद में इस मामले की जांच CBI को सौंप दी गई थी।

राम रहीम को अन्य मामलों में भी सजा

गौरतलब है कि डेरा प्रमुख Gurmeet Ram Rahim Singh को पहले ही कई मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। उन्हें 2017 में साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और Ranjit Singh की हत्या के मामलों में भी उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। फिलहाल वह जेल में सजा काट रहे हैं।

लंबे ट्रायल के बाद आया फैसला

लंबे ट्रायल के बाद CBI की स्पेशल कोर्ट ने डेरा प्रमुख समेत अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसके खिलाफ सभी दोषियों ने Punjab and Haryana High Court में अपील दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और CBI दोनों ने विस्तार से दलीलें पेश कीं। अदालत ने रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों, गवाहों के बयानों और परिस्थितियों का विश्लेषण करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि गुरमीत राम रहीम की कथित आपराधिक साजिश में भूमिका संदेह से परे साबित नहीं हो सकी। वहीं कुलदीप, निर्मल और कृष्ण लाल के खिलाफ सबूतों और गवाहियों से अपराध में उनकी भूमिका स्पष्ट होने के कारण अदालत ने उनकी सजा को यथावत रखने का आदेश दिया।

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