Connect with us

पॉलिटिक्स

रेखा गुप्ता: दिल्ली की मुख्यमंत्री ने गंभीर प्रदूषण के बीच उठाया महत्वपूर्ण कदम, 100 इलेक्ट्रिक बसों को दिया हरी झंडी, बड़ा एलान किया; इसके अर्थ को समझें

Published

on

रेखा गुप्ता: दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक हो चुका है, जिससे दिल्ली सरकार और निवासियों की चिंता बढ़ गई है। लेकिन रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार प्रदूषण के खिलाफ प्रभावी कदम उठाती आ रही है। गंभीर स्थिति के बीच, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने 100 इलेक्ट्रिक बसों का उद्घाटन किया है।

उन्होंने यह भी साझा किया कि सरकार का विचार है कि अगले वर्ष तक डीटीसी की सभी बसें इलेक्ट्रिक बनाई जाएं, जिससे दिल्ली का पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से प्रदूषण-मुक्त हो सके। इससे प्रदूषण में गिरावट आने की आशा है। इसके अतिरिक्त, सीएम ने दिल्ली के धौला कुआं से हरियाणा के धरूहेड़ा के बीच इंटरस्टेट ई-बस सेवा का शुभारंभ किया है। इससे दिल्ली और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

रेखा गुप्ता ने 100 ईवी बसों का उद्घाटन किया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमारा लक्ष्य दीर्घकालिक और प्रभावी समाधानों को लागू करना है। इसी दिशा में आज डीटीसी के बेड़े में 100 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी गई हैं। अगले वर्ष तक, हम सभी डीटीसी बसों को इलेक्ट्रिक बनाने का संकल्प रखते हैं, ताकि दिल्ली का पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह Emission-Free हो सके।”

इस सोच के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही, दिल्ली के धौला कुआं से हरियाणा के धरूहेड़ा तक इंटरस्टेट ई बस सेवा की भी शुरुआत की गई है। काफी समय से बंद पड़ी इंटरस्टेट बस सेवा को फिर से शुरू किया गया है। ये आधुनिक सुविधाओं से लैस बसें न केवल प्रदूषण को कम करेंगी, बल्कि दिल्ली एनसीआर में यात्रा करने वालों के लिए यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाएंगी। इस अवसर पर कैबिनेट सहयोगी डॉ. पंकज कुमार सिंह और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।”

100 नई ईवी बसों पर परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह का क्या कहना है?

परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने 100 नई ईवी बसों के संचालन के संबंध में कहा, “मैंने पहले ही बताया है कि दिल्ली परिवहन पहले से ही लाभ में है, और ये इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली सरकार के प्रदूषण के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे प्रदूषण को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।

चूंकि यह समस्या हमें कई वर्षों से परेशान कर रही है, इसे हल करने में कुछ समय लगेगा, लेकिन मैं दिल्ली की जनता को आश्वस्त करता हूँ कि प्रदूषण पर काबू पाया जाएगा और भाजपा ‘स्वच्छ दिल्ली, हरित दिल्ली’ के अपने वादे को पूरा करेगी।”

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पॉलिटिक्स

‘संसद से नरेंद्र, देश से सिलेंडर गायब…’, LPG संकट पर राहुल गांधी का PM Modi पर निशाना

Published

on

ईरान-इजरायल युद्ध के चलते देश में गहराते LPG संकट को लेकर गुरुवार को संसद भवन के बाहर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक सहित कई विपक्षी दलों के सांसद संसद के मकर द्वार के पास इकट्ठा हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।

संसद के बाहर ‘मोदी जी एलपीजी’ के नारे

विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के बाहर ‘मोदी जी एलपीजी’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कई सांसदों के हाथों में गैस सिलेंडर की आकृति वाली तख्तियां भी नजर आईं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच देश में गैस संकट से निपटने में विफल रही है।

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, “संसद से नरेंद्र गायब, देश से सिलेंडर गायब।”

मीडिया से बातचीत में क्या बोले राहुल गांधी?

संसद के बाहर मौजूद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से घबराने की जरूरत न होने की बात कह रहे हैं, लेकिन खुद अलग कारणों से चिंतित नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी अदाणी मामले और एप्सटीन फाइल को लेकर दबाव में हैं और इसी वजह से सदन के भीतर आने से बच रहे हैं।

LPG संकट पर पीएम मोदी की अपील

उधर, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण देश में LPG की किल्लत की खबरों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोगों से घबराने की जरूरत न होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार जनहित की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लोगों से केवल सही और सत्यापित जानकारी साझा करने का आग्रह किया था।

युद्ध के असर से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी को लेकर देश में LPG सप्लाई और कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

Continue Reading

देश

R N Ravi बने पश्चिम बंगाल के 22वें राज्यपाल, कोलकाता में ली पद और गोपनीयता की शपथ

Published

on

पश्चिम बंगाल को नया राज्यपाल मिल गया है। गुरुवार को आरएन रवि ने कोलकाता स्थित लोकभवन में राज्य के 22वें राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। उन्हें राज्य के मुख्य न्यायाधीश संजय पॉल ने शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी समारोह में मौजूद रहे।

लोकभवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह

लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुआ। समारोह की शुरुआत और समापन वंदे मातरम् और राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ। शपथ लेने के बाद नए राज्यपाल आरएन रवि ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य अतिथियों से मुलाकात कर औपचारिक बातचीत भी की।

कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी रहे मौजूद

इस समारोह में राज्य के कई प्रमुख पदाधिकारी और राजनीतिक नेता शामिल हुए। इनमें मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, विधानसभा अध्यक्ष बिमल बनर्जी और वाम मोर्चा अध्यक्ष बिमान बोस सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सीवी आनंद बोस के इस्तीफे के बाद नियुक्ति

पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने आरएन रवि को राज्य का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। इससे पहले वह तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में कार्य कर रहे थे।

तमिलनाडु में विवादों में रहा कार्यकाल

तमिलनाडु में अपने कार्यकाल के दौरान आरएन रवि का राज्य सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार के साथ कई मुद्दों पर टकराव भी चर्चा में रहा। कई विधेयकों को लेकर राज्यपाल और सरकार के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। यहां तक कि तमिलनाडु सरकार ने राष्ट्रपति से राज्यपाल को हटाने की मांग भी की थी।

ममता बनर्जी ने उठाए थे सवाल

पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सवाल उठाए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि इस्तीफे की खबर से वह हैरान और चिंतित हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई थी कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले किसी राजनीतिक दबाव के कारण यह फैसला लिया गया है, तो यह चिंताजनक हो सकता है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

आरएन रवि के राज्यपाल पद संभालने के बाद अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले समय में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच संबंध किस दिशा में जाएंगे, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Continue Reading

देश

‘केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है…’, मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए Arvind Kejriwal; क्लीन चिट मिलते ही दिया वायरल बयान

Published

on

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को कथित शराब नीति मामले में बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों से बरी कर दिया है। फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल भावुक हो गए।

भावुक हुए केजरीवाल

उन्होंने कहा, “हमने पहले ही कहा था कि सच्चाई की जीत होगी। आज सच की जीत हुई है। मुझे भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा था कि न्याय जरूर मिलेगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया गया और झूठे आरोपों के जरिए बड़े नेताओं को जेल भेजा गया।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी, CBI के सबूतों पर सवाल

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसी आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। चार्जशीट में भी कई खामियां पाई गईं और किसी गवाह या दस्तावेज से आरोप पुष्ट नहीं हुए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस प्रमाण के केवल आरोपों के आधार पर किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है, लेकिन इस मामले में अभियोजन पक्ष अपना केस साबित करने में विफल रहा।

‘कोई आपराधिक साजिश साबित नहीं’

अदालत ने यह भी कहा कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में आपराधिक साजिश का कोई ठोस आधार नहीं मिला। न तो केजरीवाल और न ही सिसोदिया के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत पेश किए जा सके। इन्हीं कारणों से कोर्ट ने दोनों नेताओं को बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय और सच्चाई की जीत बताया।

Continue Reading
Advertisement

Trending