सोशल मीडिया पर यूं तो अजब-गजब वीडियो वायरल होते रहते हैं, लेकिन इस बार एक ऐसा वीडियो सामने आया जिसे देखकर आप भी इंस्पायर हो जाएंगे। एक मां अपने बच्चों के लिए क्या कुछ कर सकती है, वो इस वीडियो में नजर आ रहा है। वायरल वीडियो में मां का प्यार और उसकी ताकत का अहसास झलक रहा है। आपको बता दें, इंटरनेट पर रंभाबाई नाम की 47 साल की महिला का दौड़ते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। ये महिला एक मां है, जो अपने बच्चों की फीस के लिए साड़ी में नंगे पांव मैराथन दौड़ रही है।
3 हजार रुपये के लिए मैराथन में उतरीं 47 वर्षीय महिला
ये वायरल वीडियो महाराष्ट्र के बीड जिले का है और इसमें जिस महिला ने सबका ध्यान खींचा वो अंबाजोगाई की रहने वाली रंभाबाई हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि बाकी युवा लोग ट्रैकसूट में दौड़ रहे हैं, जबकि रंभाबाई साड़ी पहनकर बिना जूतों के हाथ में अपनी चप्पल थामे तेजी से दौड़ लगा रही हैं। बता दें, अंबाजोगाई के एक स्थानीय संगठन ने ‘अमृत दौड़ मैराथन’ ऑर्गेनाइज किया था। इसमें जीतने वाले को 3 हजार रुपये का इनाम मिलना था। ये रकम रंभाबाई की बच्चियों की पढ़ाई और किताबों के लिए पैसे जुटाने में मदद कर सकती थी। ऐसे में उन्होंने भी इस मैराथन में हिस्सा ले लिया।
बेटियों की फीस भरने के लिए मां नंगे पैर दौड़ पड़ी… ❤️🩹
महाराष्ट्र के बीड की 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने बिना ट्रेनिंग नंगे पैर मैराथन जीतकर ₹3,000 का इनाम जीता।
पति के निधन के बाद वह खाना बनाकर अपनी दोनों बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठा रही हैं।
“मैं हर दिन बच्चों के भविष्य के लिए… pic.twitter.com/7OhYGzHtBp
— Dr. Dileep Maurya (@drdileepjnu) September 1, 2026
बेटियों की पढ़ाई के खर्च के लिए नंगे पांव जीती रेस
पहले वो अपनी चप्पल में दौड़ीं, लेकिन जैसे ही चप्पल फिसलने लगी, तो उन्होंने फौरन चप्पल हाथ में ली और बिना अपनी परवाह किए नंगे पांव रेस शुरू कर दी। भले ही उन्होंने इसकी तैयारी नहीं की थी और ना ही उनके पास अच्छे कपड़े और जूते थे, फिर भी रंभाबाई ने सबको हराकर पहले स्थान तक का सफर तय कर लिया। जीत के 3 हजार रुपये उन्हें इसलिए मिले क्योंकि उन्हें सिर्फ अपनी बेटियों की पढ़ाई और उनका भविष्य नजर आ रहा था।
पति की मौत और बेटियों को अफसर बनाने का सपना
आपको बता दें, रंभाबाई अकेले की घर की जिम्मेदारियां उठा रही हैं। उनके पति एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। पति के दुनिया से जाने के बाद बच्चियों की परवरिश का जिम्मा पूरी तरह से उनके कंधों पर आ गया। इसके बाद वो कुक का काम करने लगीं और अब उनका सपना है कि उनकी बेटियां अफसर बनें। वहीं, बड़ी बेटी का एडमिशन वो अंबाजोगाई की एक एकेडमी में करवा चुकी हैं, जो अब बैंकिंग एग्जाम की तैयारी कर रही है। छोटी बेटी भी पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटी है और उसने भी इस मैराथन में हिस्सा लिया था। वो इस दौरान दूसरा स्थान हासिल करने में कामयाब रही।