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महाराष्ट्र की राजनीति के ‘सूरज’ का अस्त: राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए अजित दादा, बारामती की सड़कों पर उमड़ा आंसुओं का सैलाब

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और दिग्गज नेता अजित पवार का आज उनके पैतृक गढ़ बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे पार्थ पवार ने मुखाग्नि दी। गौरतलब है कि बुधवार सुबह महाराष्ट्र के बारामती में हुए प्लेन हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित कुल पाँच लोगों की मौत हो गई जिसमे प्लेन के पायलट कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदीप जाधव की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया।

कैसे हुआ हादसा?

अजित पवार का विमान बारामती एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंड करने की कोशिश करते समय क्रैश हो गया। दिल्ली की कंपनी वीएसआर वेंचर्स का यह लीयरजेट 45 विमान सुबह करीब 8:45 बजे क्रैश हो गया, जिसमें अजित पवार, उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और अटेंडेंट और कॉकपिट क्रू के दो लोग, पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शाम्भवी पाठक की मौत हो गई। अजित पवार सुबह करीब 8 बजे मुंबई से निकले और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपने गृहनगर बारामती में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले थे।

अंतिम यात्रा: बारामती में उमड़ा जनसैलाब

अजित पवार की अंतिम यात्रा काटेवाड़ी आवास से शुरू हुई। हजारों समर्थक उनके साथ यात्रा में शामिल हुए और नारे लगाते रहे, “अजीत दादा अमर रहें।” यह यात्रा करीब 6 किलोमीटर चली और विद्या प्रतिष्ठान मैदान तक पहुँची। श्मशान घाट पर लोगों का हुजूम जमा था, जो केवल एक झलक पाने के लिए इंतजार कर रहे थे।

राजकीय शोक और सम्मान

बारामती के विद्या प्रतिष्ठान में अजित पवार का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और MNS प्रमुख राज ठाकरे प्रमुख मौजूद रहे। परिवार की ओर से NCP प्रमुख शरद पवार, सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल अत्यंत भावुक नजर आए। महाराष्ट्र सरकार ने दिग्गज नेता के सम्मान में तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। अंतिम संस्कार से पहले उन्हें ‘गन सैल्यूट’ (सलामी) दी गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए हिंदू, मुस्लिम और अन्य सभी समुदायों के लोग भारी संख्या में पहुंचे, जो अजित पवार की छवि को दर्शाता है।

हादसे की जांच शुरू

इस तरह अजित पवार की आकस्मिक मौत ने प्लेन जैसे हवाई यातायात माध्यम के सफर पर सवाल खड़े कर दिए है हालांकि इस मामले की जांच नागरिक उड्डयन मंत्रालय की AAIB टीम कर रही है, और पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है। महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार का जाना एक ऐसा खालीपन पैदा कर गया है, जिसे भरना मुश्किल होगा। प्रशासन अब ब्लैक बॉक्स और जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।

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दिल्ली-मेरठ सफर अब होगा 55 मिनट में, मेरठ मेट्रो बनाएगी नया स्पीड रिकॉर्ड

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर Meerut के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मेरठ अब उत्तर प्रदेश का पांचवां मेट्रो सिटी बनने जा रहा है। इस परियोजना के शुरू होने के बाद Delhi से मेरठ तक का सफर केवल 55–60 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। सबसे खास बात यह है कि भारत में पहली बार मेट्रो ट्रेनें सेमी-हाई-स्पीड Namo Bharat (RRTS) ट्रेनों के साथ एक ही ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित होंगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मेरठ मेट्रो 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ेगी। अब तक देश की सबसे तेज मेट्रो का रिकॉर्ड Delhi Airport Express Line के नाम था, जिसकी परिचालन गति 110 किमी प्रति घंटा है। मेरठ मेट्रो इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।

शहर की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम

मेरठ मेट्रो कॉरिडोर मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम तक लगभग 21 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें कुल 12 स्टेशन बनाए गए हैं। ट्रेन हर स्टेशन पर रुकेगी और यात्री लगभग 30 मिनट में पूरा सफर तय कर सकेंगे। इस परियोजना से शहर के भीतर आवागमन तेज और सुगम होगा, जिससे रोजमर्रा की यात्रा में लगने वाला समय काफी घटेगा।

मेट्रो की प्रमुख विशेषताएं

-ट्रेनों को स्टेनलेस-स्टील बॉडी और हल्के ढांचे के साथ डिजाइन किया गया है।

-इनका रंग संयोजन फ्लोरोसेंट ग्रीन, ब्लू और ऑरेंज थीम पर आधारित है।

-प्रत्येक ट्रेन तीन कोच वाली होगी, जो पूरी तरह वातानुकूलित रहेगी और एक बार में 700 से अधिक यात्रियों को ले जा सकेगी। इसमें 173 सीटों की व्यवस्था होगी।

-ट्रेनें ऊर्जा-कुशल हैं और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से लैस हैं।

-सुरक्षा के लिए ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) और ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (ATO) तकनीक का उपयोग किया गया है।

-डिब्बों में आरामदायक कुशन सीटें, लगेज रैक, मोबाइल चार्जिंग के लिए USB पोर्ट और महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित सीटें उपलब्ध होंगी।

-स्टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी निगरानी, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर, व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के लिए विशेष स्थान तथा लिफ्ट की सुविधा दी जाएगी।

नमो भारत के साथ साझा ट्रैक: एक ऐतिहासिक पहल

देश में पहली बार मेट्रो सेवाएं सेमी-हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेनों के साथ एक ही ट्रैक पर चलेंगी। इससे क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट और सिटी मेट्रो सेवाओं का बेहतर एकीकरण होगा और एक मजबूत, आधुनिक परिवहन प्रणाली विकसित की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi जल्द ही इस मेट्रो सेवा का उद्घाटन कर सकते हैं। इस परियोजना से न केवल मेरठ की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि शहर की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

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राज्यसभा चुनाव 2026: महाराष्ट्र से तमिलनाडु तक कई दिग्गजों का कार्यकाल होगा खत्म, 37 सीटों पर होगा चुनाव

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Election Commission of India (ECI) ने 2026 में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस बार 10 राज्यों की कुल 37 सीटें खाली हो रही हैं, जिन्हें भरने के लिए मार्च 2026 में मतदान कराया जाएगा। जिन राज्यों में चुनाव होंगे, उनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और असम शामिल हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:

-26 फरवरी 2026 (गुरुवार): नामांकन प्रक्रिया शुरू

-5 मार्च 2026 (गुरुवार): नामांकन की अंतिम तारीख

-6 मार्च 2026 (शुक्रवार): नामांकनों की जांच

-9 मार्च 2026 (सोमवार): नाम वापस लेने की अंतिम तारीख

-16 मार्च 2026 (सोमवार): सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान

-16 मार्च 2026 शाम 4 बजे: मतगणना और परिणाम घोषणा

-20 मार्च 2026 (शुक्रवार): चुनाव प्रक्रिया पूरी

किन नेताओं का कार्यकाल हो रहा खत्म?

-2 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र से शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी, रामदास अठावले समेत सात सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

-ओडिशा से ममता मोहंता, मुजीबुल्ला खान, सुरजीत कुमार और निरंजन बिशि की सीटें खाली होंगी।

-असम से रामेश्वर तेली, भुवनेश्वर कालिता और अजीत कुमार भुयान का कार्यकाल खत्म होगा।

-हरियाणा से किरण चौधरी और राम चंद्र जांगड़ा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

-छत्तीसगढ़ से तेजपाल सिंह तुलसी और फुलो देवी नेतम, हिमाचल प्रदेश से इंदू बाला गोस्वामी, तेलंगाना से अभिषेक मनु सिंघवी और के.आर. सुरेश रेड्डी का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है।

-बिहार से रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, प्रेम चंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह का कार्यकाल पूरा होगा।

-पश्चिम बंगाल से साकेत गोखले, रीता बराटा बैनर्जी, बिकाश रंजन भट्टाचार्य, मौसम नूर और सुब्रता बक्शी की सीटें खाली होंगी।

-तमिलनाडु से डॉ. कनिमोझी, एन.आर. एलांगो, पी. सेल्वरासु, एम. थामीबिदुरई, तिरुचि सिवा और जी.के. वासन का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

कितनी सीटों पर होगा चुनाव?

मार्च 2026 में महाराष्ट्र की 7, तेलंगाना की 2, पश्चिम बंगाल की 5, तमिलनाडु की 6, हरियाणा की 2, छत्तीसगढ़ की 2, ओडिशा की 4, असम की 3, हिमाचल प्रदेश की 1 और बिहार की 5 सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे। इन चुनावों के जरिए राज्यसभा की खाली सीटों को भरा जाएगा और नई राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से यह चुनाव अहम माने जा रहे हैं।

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‘नाड़ा खोलना’ अपराध की तैयारी नहीं, रेप की कोशिश: SC का ऐतिहासिक फैसला; हाईकोर्ट का आदेश रद्द

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सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में दिए गए इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें आरोपी के कृत्य को कम गंभीर मानते हुए रेप के प्रयास की श्रेणी में नहीं रखा गया था। शीर्ष अदालत ने साफ कहा कि किसी महिला के पायजामे का नाड़ा खोलना और कपड़े उतारने की कोशिश करना महज छेड़छाड़ या अश्लील हरकत नहीं, बल्कि यह सीधे तौर पर रेप के प्रयास के दायरे में आता है। यह मामला उत्तर प्रदेश का है, जहां आरोपियों पर एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ का आरोप था। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने लड़की के पायजामे का नाड़ा तोड़ा और उसे पुलिया के नीचे घसीटने की कोशिश की। हालांकि, वहां से गुजर रहे लोगों के हस्तक्षेप से आरोपी मौके से फरार हो गए।

ट्रायल कोर्ट Vs हाईकोर्ट

ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों पर आईपीसी की धारा 376 (रेप) और POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत गंभीर आरोप तय किए थे। लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में इसे रेप का प्रयास न मानते हुए कहा था कि यह अपराध की तैयारी भर थी, जो महिला की गरिमा भंग करने जैसा कम गंभीर अपराध है। इस फैसले के बाद व्यापक आक्रोश देखने को मिला। एनजीओ ‘वी द वुमन’ की संस्थापक और वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता के पत्र के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने की और हाईकोर्ट के आदेश को पूरी तरह खारिज कर दिया।

‘न्याय में करुणा भी जरूरी’

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि ऐसे कृत्य को कम गंभीर बताना न्याय की मूल भावना के विपरीत है। पायजामे का नाड़ा खोलना और कपड़े उतारने की कोशिश सीधे रेप के प्रयास के समान है। अदालत ने कहा कि न्यायाधीशों के फैसलों में केवल कानूनी सिद्धांत ही नहीं, बल्कि पीड़िता की संवेदनशीलता और परिस्थितियों के प्रति करुणा भी होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत रेप के प्रयास से जुड़े मूल और कठोर आरोप बहाल कर दिए।

भविष्य के लिए अहम कदम

सिर्फ फैसला सुनाने तक सीमित न रहते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किया। अदालत ने नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी के निदेशक और पूर्व जस्टिस अनिरुद्ध बोस से विशेषज्ञ समिति गठित करने को कहा है। यह समिति यौन अपराधों और अन्य संवेदनशील मामलों में न्यायाधीशों के लिए सरल भाषा में दिशा-निर्देश तैयार करेगी, ताकि फैसलों में संवेदनशीलता और सहानुभूति सुनिश्चित की जा सके। इस फैसले को न्याय व्यवस्था में पीड़ितों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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